
खंडवा. खेतों में फसलें लहलहाने लगी है।
मानसून अब तक किसानों पर मेहरबान दिख रहा है। पिछले दो दिन से झिर-झिर करके बरस रहा पानी खेतों में फसलों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हालांकि कुछ जगह तेज वर्षा से खेतों में जल भराव की स्थिति बनने से फसल खराब होने का भी खतरा है। हालांकि जल भराव वाले खेतों का रकबा फिलहाल बहुत कम है। किसानों का मानना है कि ऐसी ही बारिश होती रही तो खेतों में खुशहाली आएगी।
अब तक जिले में 6 इंच से थोड़ी ज्यादा बारिश हो चुकी है। आगामी दे दिन हल्की से मध्यम बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बारिश से मौसम में भी ठंडक आ चुकी है। हालांकि तापमान अब भी स्थिर बना हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम 20.4 डिग्री दर्ज किया गया।
रविवार को तेज बारिश से शुरू हुआ बरसात का सिलसिला अब रिमझिम से मध्यम बारिश में बदल गया है। सोमवार को भी कई क्षेत्रों में रिमझिम तो कही मध्यम से तेज बारिश हुई। वहीं, मंगलवार और बुधवार को पूरे जिले में रिमझिम बारिश जारी रही। रुक रुक कर होती रही बारिश से पानी जमीन के अंदर तक पहुंच गया है।
किसानों का कहना है कि इस समय आसमान से अमृत बरस रहा है। शुरूआती सीजन में ही अच्छी बारिश होने से बीज अंकुरण भी सही समय पर होगा। अब तक परिस्थितियां खेती के लिए अनुकूल बनी हुई है। ऐसा ही पानी गिरता रहा तो फसलों के लिए बेहतर साबित होगा। ग्राम बावडिय़ा काजी के किसान सुभाष पटेल ने बताया कि जहां जल भराव की स्थिति है, वहां परेशानी हो सकती है। जल भराव वाले खेतों में सोयाबीन, कपास और मक्का पीली पड़ सकती है। वहीं, सब्जियों की फसल, धनिया को भी नुकसान हो सकता है। जल निकासी वाले खेतों के लिए ये पानी अमृत समान है।
पिछले चौबीस घंटों में जिले में 20.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसमें खंडवा में 21 मिमी, नया हरसूद में 8 मिमी, पंधाना में 9 मिमी, पुनासा में 15 मिमी तथा खालवा में 49 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 8 जुलाई तक 205.2 मिमी औसत वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 256.0 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक खंडवा में 246 मिमी, नया हरसूद में 220 मिमी, पंधाना में 241 मिमी, पुनासा में 227 मिमी तथा खालवा में 346 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जिले की औसत बारिश 808 मिमी है।
1.95 लाख सोयाबीन
65 हजार हेक्टेयर मक्का
49 हजार कपास
2 हजार हेक्टेयर धान
3 हजार हेक्टयर अरहर
12 हजार हेक्टेयर कोदो कुटकी, मूंग, उड़द
3.26 लाख हेक्टेयर कुल
नोट- कृषि कल्याण विभाग के अनुसार
Updated on:
09 Jul 2026 12:17 pm
Published on:
09 Jul 2026 12:17 pm
