पहला मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है, जहां एक विधवा महिला से 69 हजार 997 रुपए की साइबर ठगी हुई। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) में कर्मचारी थे और वर्ष 2024 में उनका निधन हो गया था। एक जुलाई को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए महिला और उनके दिवंगत पति का नाम लिया, जिससे महिला को उस पर विश्वास हो गया। आरोपी ने बीमा पॉलिसी पर बोनस मिलने की बात कहकर चार अलग-अलग क्यूआर कोड भेजे और रकम जमा करने के लिए कहा। महिला ने तीन बार 14 हजार 999 रुपए और एक बार 25 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगी का अहसास होने पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।