6 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल में साइबर ठगी का अजब केस, बिल अपडेट के नाम पर खाते में लिए 12 रुपए और 90 हजार पार

Cyber Fraud : साइबर ठगी का एक और शिकार, विभाग का कर्मचारी बनकर ठग ने बुजुर्ग का नंबर अपडेट कराने के बहाने भेजी एपीके फाइल, 3 बार में खाते से ट्रांजे›शन कर निकाले 90 हजार।
2 min read
Google source verification
Cyber Fraud

Cyber Fraud (बिल अपडेट के नाम पर खाते में लिए 12 रुपए और 90 हजार पार Photo Source- Patrika)

Cyber Fraud Case In Bhopal : बिजली का बिल जमा करना हो या फिर उपभोक्ता नंबर अपडेट करने के बारे में सोच रहे हैं तो सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। क्योंकि न चाहते हुए भी आप साइबर ठगों के निशाने पर आ सकते हैं। ऐसा ही हुआ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना इलाके में रहने वाले बुजुर्ग उपभोक्ता के साथ। साइबर ठगों ने बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर 75 वर्षीय बुजुर्ग से 90,251 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली है। मामले में शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दो अलग-अलग नंबरों से कॉल और वॉट्सएप पर संदेश भेजकर फंसाया

बुजुर्ग को ठगने के लिए जालसाजों ने अजीब तानाबाना रचा था। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया, सुरेंद्र गार्डन में रहने वाले 75 वर्षीय हेमचंद्र पांडेय के मोबाइल पर 30 जून को दो अलग - अलग नंबरों से कॉल और वॉट्सएप संदेश आए। ठग ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा, उनका उपभोभ्ता नंबर अपडेट करना है। बुजुर्ग की सहमति मिलने के बाद उनके वॉट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजकर उसे मोबाइल पर इंस्टॉल कर जानकारी भरने को कहा गया।

बुजुर्ग द्वारा जानकारी भरने के बाद ठग ने उनसे कहा कि, प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें 12 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। जब बुजुर्ग ने फोन-पे के जरिए भुगतान करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें 90521 का कोड दर्ज करने कहा। बुजुर्ग ने जब इस पर संदेह जताया तो आरोपी ने भरोसा दिलाया कि, कोई पैसा नहीं कटेगा और केवल उपभोक्ता नंबर अपडेट होगा। आरोपी की बातों में आकर उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर दी। कुछ ही देर बाद उनके एसबीआई के बैंक खाते से कुल 90,521 रुपए के तीन ट्रांजेक्शन दिखाई देने लगे।

वॉट्सएप भी कर लिया हैक

फरियादी ने पुलिस को बताया कि, रात में उन्हें पता चला कि, उनका वॉट्सएप अकाउंट भी हैक हो गया था। उनके मोबाइल से परिचित लोगों को अपने आप संदेश भेजे जाने लगे। फिर जब साइबर ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने बागसेवनिया थाने पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई।

शहर में पिछले साल से अब तक हुए मामले

आपका बता दें कि, सिर्फ राजधानी भोपाल में ही सिर्फ एक साल के भीतर साइबर ठगी के 1197 केस दर्ज हो चुके हैं। इसमें पुलिस द्वारा अबतक 124 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, दर्ज मामलों के अनुसार, फ्रॉड राशि 32.48 करोड़ रही है। इसमें से 14.41 करोड़ रुपए फ्रीज कराए गए हैं। साथ ही, 3.51 करोड़ रुपए रिफंड भी कराए गए हैं।

रिटायर्ड अधिकारी से हुई थी ऐसी ही ठगी

इससे पहले मई के महीने में बागसेवनिया थाना इलाके में ही ठगी का ऐसा ही प्रकरण सामने आया था। पुलिस के अनुसार, 67 वर्षीय शिवचरण करोड़े बिजली विभाग में अधिकारी पद से सेवानिवृत हैं। 8 मई को उनके मोबाइल पर एक जालसाज ने खुद को बिजली कंपनी का अधिकारी बताकर फोन किया और कहा उनका बिजली बिल लंबित है और ई-केवायसी नहीं होने पर कनेक्शन कट जाएगा। फिर उसने लिंक भेजी और यूपीआई पासवर्ड डलवा लिया। कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से 3 लाख रुपए निकाल लिए।

एक्सपर्ट व्यू : कॉल पर तुरंत न करें भरोसा

साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी के अनुसार, अगर आपको किसी अज्ञात नंबर से कॉल आए तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। संभव है कि, एक बार आपने कॉल काट दी या पिक नहीं की तो दूसरी बार कॉल आए। ऐसे में अगर इस तरह के कॉल आए तो पहले अपने बैंक या बिजली विभाग के टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर जानकारी हासिल करें।