-640 पीएसपी की पर्यावरण स्वीकृति के लिए हुआ जनसुनवाई का आयोजन -ग्रामीणों ने दिए सुझाव, परियोजना प्रमुख ने कहा- इन पर होगा अमल -योजना की डीपीआर तैयार, स्वीकृति मिलते ही टेंडर लगेंगे, शुरू होगा काम
प्रदेश के पॉवर हब खंडवा ने भविष्य की बिजली के लिए एक कदम ओर बढ़ाया है। इंदिरा सागर-ओंकारेश्वर पंप स्टोरेज परियोजना के लिए गुरुवार को नर्मदा नगर कला भवन में पर्यावरण स्वीकृति के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने अपने सुझाव रखे। ओंकारेश्वर के बैक वाटर से 640 मेगावॉट की इस परियोजना में डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद इसका काम शुरू होगा।
भारत सरकार के निर्देश पर हुई सुनवाई
मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार गुरुवार को जनसुनवाई का आयोजन हुआ। जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम केआर बड़ोले ने की। इस अवसर पर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एसएन कटारे वैज्ञानिक, नर्मदा नगर सरपंच महेश जायसवाल तथा इंदिरा सागर परियोजना प्रमुख अजीत कुमार, महाप्रबंधक सिविल गोपाल खंडेलवाल, उपमहाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार एवं एनएचपीसी महाप्रबंधक (पर्यावरण) राजीव रंजन नई दिल्ली उपस्थित रहे। इस दौरान परियोजना प्राधिकरण द्वारा परियोजना का विस्तृत परिचय तकनीकी विशेषताएं, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा प्रस्तावित शमन उपार्यों के संबंध में जानकारी दी गई।
स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार
जनसुनवाई में उपस्थित नागरिकों द्वारा परियोजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत किए गए। परियोजना प्रमुख अजीत कुमार द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया। इस दौरान सुझाव आए कि इंदिरा सागर परियोजना में कार्यरत स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिले। नर्मदा नगर आइटीआइ से पास आउट स्किल्ड, सेमी स्किल्ड युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया जाए। एनएचडीसी सीएसआर के रुपए से नर्मदा नगर और वनग्रामों में अधिक से अधिक विकास किया जाए। स्थानीय मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर खोले जाए। परियोजना प्रमुख ने कहा कि सुझावों पर अमल किया जाएगा।
एक ही पानी से बार-बार बनेगी बिजली
पंप स्टोर पावर स्टेशन टेक्नोलॉजी से यह कमाल होगा जिसमें एक ही पानी से बार-बार बिजली बनाई जाएगी। मप्र का यह पहला और अनोखा प्रोजेक्ट खंडवा जिले में इंदिरा सागर बांध के डाउन स्ट्रीम और ओंकारेश्वर बांध के रिजर्वायर क्षेत्र के बीच में बनेगा। इससे इंदिरा सागर टरबाइन से ओंकारेश्वर बांध जलाशय में छोड़े गए पानी को दोबारा लिफ्ट कर पावर स्टेशन में लाया जाएगा, जहां बिजली उत्पादन होगा।
फैक्ट फाइल
640 मेगावॉट की पंप स्टोरेज परियोजना
5243.19 करोड की लागत से होगा निर्माण
198 हेक्टेयर वन भूमि का होगा अधिग्रहण
396 हेक्टेयर भूमि शासन देगा वन विभाग को
डीपीआर तैयार, स्वीकृति का इंतजार
जनसुनवाई में आए सुझावों पर अमल किया जाएगा। परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली गई है। स्वीकृति मिलते ही इसका काम आरंभ कराया जाएगा। परियोजना सें 640 मेगावॉट बिजली का उत्पादन पीक ऑवर्स में किया जाएगा।
अजीत कुमार, परियोजना प्रमुख आइएसपी, नर्मदा नगर