खंडवा

पीडब्लूडी एसडीओ और महिला समेत छह लोगों को तीन साल सश्रम कारावास

फर्जी मस्टर रोल भरकर मनरेगा की राशि निकालने पर एसडीओ और महिला समेत कुल छह लोगों को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
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Updated: 29 Nov 2017, 2:24 PM IST
Imprisonment for corruption
Imprisonment for corruption

खंडवा. फर्जी मस्टर रोल भरकर मनरेगा की राशि निकालने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने एक एसडीओ और महिला समेत कुल छह लोगों को तीन साल के सश्रम कारावास और 15-15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अधिवक्ता बीएल मंडलोई और आरएस वर्मा ने बताया वर्ष 2012 में सरपंच रुक्मिणी बाई द्वारा फर्जी मस्टर रोल भरकर सरकारी राशि का दुरुपयोग करना पाया गया। जबकि इस राशि का प्रयोग डोंगरगांव से कालमुखी तक की सड़क को बनाने के लिए प्रयोग करना था।

लेकिन आरोपितों ने इंदिरा सागर परियोजना में कार्यरत कर्मचारी से लेकर कई अन्य लोगों के नाम से मस्टर को भरकर सरकारी राशि को निकाल लिया। इस पर न्यायालय ने अशोक पिता बालकिशन दशोरे राम कृष्णगंज, गिरधारी पिता जयराम निवासी कालमुखी, आशा पति दिनेश, श्यामलाल पिता नत्थू, गोविंद पिता मामराज सभी निवासी कालमुखी, अशोक पिता गणपत गुर्जर निवासी डोंगरगांव को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश इंद्रा सिंह की कोर्ट ने सभी आरोपितों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 15-15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा करने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।

...छेड़छाड़ करने पर आरोपी गया जेल
खंडवा. न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रेखा आर चंद्रवंशी ने मंगलवार को छेड़छाड़ करने के आरोपी को एक वर्ष की सजा और 500 रुपए का अर्थदंड सुना दिया। सहायक जिला लोक अभियोजक हरि प्रसाद बांके ने बताया कि 30 मई 2014 को पीडि़ता अपने घर से बाहर गई थी तभी आरोपी पूनम पिता भीम सिंह निवासी ग्राम रायपुर टांडा ने पीडि़ता के साथ छेड़छाड़ की। पीडि़ता ने परिवार वालों के साथ जाकर थाना पिपलोद में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी सुनवाई सोमवार को न्यायालय में की गई। जज ने आरोप की गंभीरता वह साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को एक साल की जेल और 500 रुपए का अर्थदंड जमा करने का फैसला सुना दिया।

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