रबी सीजन में गेहूं, चना और मक्का की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। इस बार किसानों और अधिकारियों को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहा तो बंपर पैदावार होगी। खेतों में गेहूं की बालियां देख किसानों की बांछें खिल गईं हैं। कृषि अधिकारी को उम्मीद है कि गेहूं का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 45-50 क्विंटल […]
रबी सीजन में गेहूं, चना और मक्का की फसलें खेतों में लहलहा रही हैं। इस बार किसानों और अधिकारियों को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहा तो बंपर पैदावार होगी। खेतों में गेहूं की बालियां देख किसानों की बांछें खिल गईं हैं। कृषि अधिकारी को उम्मीद है कि गेहूं का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 45-50 क्विंटल उत्पादन होगा।किसानों ने कहा अभी तक चना, मक्का की भी फसलों की ग्रोथ अच्छी है।
कृषि अधिकारियों और किसानों को प्रति हेक्टेयर गेहूं का उत्पादन 45-50 क्विंटल का अनुमान है। इस औसत से 90 लाख क्विंटल गेहूं उत्पादन का अनुमान है। क्योंकि जिले में 1.85 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गई है। बरुढ़ निवासी किसान नरेंद्र पटेल का कहना है कि दस साल बाद रबी सीजन में फसलों के लिए अनुकूल मौसम मिला है। वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक मौसम में उतार-चढ़ाव होता रहा। गेहूं की अग्रणी फसलों की कटाई शुरू हो गई है। अभी थ्रेसरिंग होना बाकी है।
रामजीपुरा निवासी मेहताब पिता आसाराम ने गेहूं की बोवनी की है। मेहताब के अनुसार उन्होंने इस बार एचआई-1634 प्रजाति की बोवनी की है। गेहूं में बाली लगने के बाद दाने अच्छे दिख रहे हैं। इस पर खास बात यह रही कि रोग नहीं लगा। मौसम भी अनुकूल है। प्रति हेक्टेयर 40-47 क्विंटल से अधिक उत्पादन की उम्मीद है।
आदिवासी क्षेत्र खालवा के सिरिलया निवासी धनसिंह रतन का कहना है कि दस साल बाद पहली बार चना की खेती अच्छी है। मौसम अनुकूल रहा। चना में रोग नहीं लगा। दाने भी अच्छे लगे हुए हैं। बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
रबी सीजन में जिन किसानों ने गेहूं की पहले बोवनी कर दिया था। उनकी फसलें तैयार हो गई हैं। किसानों ने कटाई शुरू कर दिया है। बरूढ़ गांव के शुभम शर्मा की दो एकड़ में गेहूं की फसल कट गई है। अभी दाना-भूसा निकलना बाकी है। उनका कहना कि कई सालों बाद इस तरह की गेहूं में दाने आए हैं। इस लिए उम्मीद है कि उत्पादन बढ़ेगा।
इल्ली की चपेट में आ गया था
किसान सूरज दीन का कहना है कि वर्ष 2022 और 23 में रबी सीजन की फसलों में इल्लियां लग गईं थीं। वर्ष 2024 और 25 में मौसम अनुकूल नहीं था। इससे उत्पादन घट गया था। लागत निकलना मुश्किल हो गया था।
80 हजार हेक्टेयर चना, 22 हजार मक्का की खेती
रबी सीजन में 80 हजार से अधिक हेक्टेयर में चना की बोवनी की गई है। चना की फसलें भी अच्छी है। किसानों को उम्मीद है कि चना का उत्पादन इस बार अच्छा होगा। 22 हजार हेक्टेयर मक्का की बोवनी की गई है। मक्का की भी फसल का उत्पादन होगा।
पांच साल का ऐसा औसत उत्पादन
वर्ष मंडी में विक्रय
2020-21 1271405
2021-22 1536142
2022-23 1574466
2023-24 615836
2024-25 637361
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नोट : आंकड़े क्विंटल में, मंडी में किसानों के द्वारा विक्रय किया गया। इसमें समर्थन मूल्य की रिपोर्ट शामिल नहीं है।
इनका कहना : नितेश यादव, डीडीए, कृषि
रबी सीजन में चना, गेहूं और मक्का की फसलें अच्छी हैं। इस बार रोग लगने की सूचना कहीं से नहीं है। फसलों को देखकर किसान भी खुश हैं। भ्रमण के दौरान कई खेतों किसानों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस बार मौसम अनुकूल है। अभी रिपोर्ट आना बाकी है। लेकिन मौसम अगर इसी तरह साथ दिया तो गेहूं का उत्पादन 45-50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का अनुमान है।