
खंडवा. मन में कुछ करने की लगन हो और उसे पाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। ये साबित कर दिखाया है जिले के एक छोटे से गांव के इस शख्स ने। सेना में नायक रहे, पुलिस में दी सेवाएं। वर्तमान में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में निरीक्षक पद कार्यरत हैं और अब ये नायब तहसीलदार बनेंगे। ये सच्ची कहानी है जिले के गांव के अतर के राकेश कुमार यादव की। राज्य सेवा परीक्षा (एमपीपीएससी) -२०१७ का रिजल्ट घोषित हुआ तो इनका चयन नायब तहसीलदार के पद के लिए हुआ है। सूची में २०८०९४ अनुक्रमांक पर इनका नाम है।
१६ वर्ष सेना में दी सेवा
राकेश कुमार यादव भारतीय सेना में नायक रहे हैं। १६ वर्ष की सेवा के दौरान ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम, सियाचिन ग्लेशियर में भी इन्होंने सेवाएं दी हैं।
देवास में हैं पदस्थ
वर्तमान में यादव देवास में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पदस्थ हैं। इससे पूर्व मप्र प्रदेश पुलिस में १ वर्ष सूबेदार के पद पर भी ये रह चुके हैं।
सीमैट और जीपैट २०१८ रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ी
खंडवा. ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन की ओर से सीमैट २०१८ की रजिस्ट्रेशन की अंतिम तीथि २५ दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। ये एग्जाम सभी मैनेजमेंट प्रोग्राम के लिए होता है। जिसका एग्जाम २० जनवरी २०१८ को होगा। परीक्षा एक ही चरण में होगी जिसके लिए ३ घंटे का समय कैंडीडेट को मिलेगा और ये ऑनलाइन होगी । साथ ही जीपैट २०१८ की रजिस्ट्रेशन की अंतिम तीथि को भी बढ़ाकर २५ दिसंबर कर दी गई है। जीपैट परीक्षा २१ जनवरी २०१८ को होगी। परीक्षा ऑनलाइन होगी। जिसके लिए ३ घंटे का समय दिया जाएगा।
उर्दू में भी दे सकेंगे नीट की परीक्षा
खंडवा. नीट २०१८ के लिए एप्लिकेशन फॉर्म जनवरी में जारी किए जा सकते हैं। क्योंकि १० मई २०१८ तक नीट एग्जाम कंडक्ट करवाया जा सकता है। वहीं जुलाई तक रिजल्ट जारी होने के बाद अगस्त तक यूनिवर्सिटीज में दाखिले भी शुरू हो सकते हैं। नीट २०१८ से जुड़ी हालिया जानकारी के अनुसार जनवरी में इसके आवेदन शुरू हो जाएंगे। इसके साथ ही साल २०१८ में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह भी संभव है कि उर्दू को एग्जाम में बतौर माध्यम भी शामिल किया जाए, क्योंकि साल २०१७ में नीट में अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, असम, गुजराती, तेलुगू, मराठी, तमिल, उडि़या, कन्नड सहित ८ भाषाओं में आयोजित हुई थी। एेसे में २०१८ में उर्दू भी परीक्षा का माध्यम होगा। इसमें भी परीक्षा के लिए माध्यमों का विकल्प उन्हीं मात्र आवेदकों को दिया जाएगा, जो कि उसी सम्बधित भाषा वाले राज्य से उपस्थित हुए हैं।