प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के गृह जिले में हैरान करने वाला भ्रष्टाचार हो रहा है। उनके स्वयं के विभाग में अधिकारियों ने नदी में अधूरे पुल का निर्माण पूर्ण बताकर लाखों रुपए की राशि आहरित कर लिया। इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत हुआ है।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के गृह जिले में हैरान करने वाला भ्रष्टाचार हो रहा है। उनके स्वयं के विभाग में अधिकारियों ने नदी में अधूरे पुल का निर्माण पूर्ण बताकर लाखों रुपए की राशि आहरित कर लिया। इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत हुआ है।
जनजातीय कार्य विभाग के परियोजना प्रशासक कार्यालय में लाखों रुपए के निर्माण में फर्जीवाडा़ सामने आया है। परियोजना क्षेत्र में करीब 40 लाख रुपए लागत के पुल का निर्माण किए बिना ही राशि आहरित कर लिया है। मौके पर नदी में पुल का निर्माण नहीं हुआ है, सिर्फ नींव का ढांचा तैयार कर 16 लाख रुपए से अधिक की राशि निकाल ली गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि परियोजना प्रशासक कार्यालय के अधिकारियों ने पुल निर्माण पर राशि खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को भेज दिया है। इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन में एल-4 पर पहुंची शिकायत में हुआ है।
जनजातीय कार्य विभाग में एल-4 स्तर पर लंबित शिकायत में संजीव पवार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021-22 में परियोजना प्रशासक खंडवा के द्वारा बुरहानपुर जिले के मांजरोद कला से भौराघाट के बीच सूखी नदी पर पुल का निर्माण कराया जाना था। पवार ने आरोप लगाया कि उस समय ठेकेदार ने परियोजना प्रशासक कार्यालय में बाबू युवराज सिंह से साठगांठ कर पुल की लगभग 40 लाख रुपए की राशि आहरित कर ली है। सूखी नदी पर पुल का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, सिर्फ नींव का ढांचा बना हुआ है।
अपूर्ण पुल के कारण हाइवे पर पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करना मुश्किल होता है। बारिश के दौरान ग्रामीणों को पानी में डूबकर पार करना पड़ता है। कानापुर, छोटा कानापुर, मांजरोत कला आदि गांव के लोगों को हाइवे पर पहुंचने के लिए 11 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
सूखी नदी पर पुल निर्माण अधूरा छोड़ने, सामग्री चोरी व भुगतान न होने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर 500 से अधिक दिन से लंबित है। शिकायतकर्ता ने निर्माण के दौरान प्रशासक कार्यालय के बाबू युवराज पर सीमेंट-लोहा ले जाने का आरोप लगाया है। पवार समेत कई स्थानीय लोगों की मजदूरी और सामग्री का भुगतान भी नहीं किया गया है।
सीएम हेल्पलाइन पर 9 दिसंबर 2024 की स्थिति में निराकरण के लिए एल-3 स्तर पर संभागीय उपायुक्त बृजेश चंद्र पांडेय और परियोजना प्रशासक खंडवा नीरज पाराशर को अलर्ट अधिकारी नियुक्त किया गया है। एल-4 अधिकारी वंदना वैद्य ने एल-3 को निराकरण के निर्देश दिए थे। वर्ष 2021 में एल-1 सहायक आयुक्त विवेक पांडेय और क्षेत्रीय विकास खंड अधिकारी रवींद्र कुमार महाजन रहे। शिकायत अप्रेल 2026 को दोबारा अपडेट हुई।
मामला पुराना है। अतिवृष्टि के दौरान नदी में निर्माण बह गया था, दोबारा पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
निर्माण खंडवा परियोजना प्रशासन कार्यालय से हो रहा है, मॉनिटरिंग भी खंडवा से होती है।