
क्षेत्रीय संचालक के निरीक्षण में सामने आई व्यवस्थाओं की खामियां
शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे इंदौर संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शाजी जोसेफ के सामने यह स्थिति सामने आई। जब वास्तविकता स्पष्ट हुई तो उन्होंने एसएनसीयू में अलग से फायर एग्जिट डोर बनाने के निर्देश दिए। इससे निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर दी जा रही जानकारी पर भी सवाल खड़े हुए।
नवजातों के वार्ड में ही नहीं था आपात निकास
एसएनसीयू अस्पताल का ऐसा संवेदनशील वार्ड है, जहां गंभीर हालत में नवजात बच्चों को रखा जाता है। आग या किसी अन्य आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए फायर एग्जिट बेहद महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान जब आरएमओ डॉ. कलमे से एसएनसीयू के फायर एग्जिट की जानकारी ली गई तो मदर वार्ड में बने फायर एग्जिट को एसएनसीयू का बताया गया। बाद में स्थिति अलग सामने आई। इस पर क्षेत्रीय संचालक ने एसएनसीयू में फायर एग्जिट बनाने के निर्देश दिए।
एक लिफ्ट चालू, बाकी बंद
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही के लिए फिलहाल एक ही लिफ्ट चालू होने की बात सामने आई। बाकी लिफ्ट बंद हैं। लंबे समय से एक लिफ्ट से आवाजाही हो रही है। इससे मरीज, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए परेशानी हो रही है। डॉक्टर और स्टाफ भी इसी लिफ्ट के भरोसे है।
स्किन मरीजों को बाहर से दवा, एक से दो हजार तक खर्च
स्किन संबंधी इलाज कराने वाले मरीजों को अस्पताल के बाहर से दवाएं खरीदने की शिकायत भी सामने आई। स्किन के डॉक्टर जो दवाएं लिख रहे हैं वे उनके क्लीनिक के पास संचालित मेडिकल स्टोर पर ही मिलती है। शहर में अन्य किसी मेडिकल पर दवाएं नहीं मिलती। ऐसे में मरीजों को दवाओं पर एक से दो हजार रुपए तक खर्च करना पड़ रहे हैं। डॉ. जोसेफ ने सिविल सर्जन डॉ कौशल को को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को लिखने के निर्देश दिए।
मरीजों से पूछी हकीकत, फीडबैक लिया
निरीक्षण के दौरान डॉ. जोसेफ ने विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। डॉक्टर राउंड पर आते हैं या नहीं, उपचार समय पर मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ली। मरीजों ने सेवाएं समय पर मिलने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने वार्डों में साफ-सफाई और मरीजों के उपचार की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
सिविल सर्जन कक्ष में अधिकारियों और चिकित्सकों की बैठक
निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन कक्ष में अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ बैठक हुई। डॉ. जोसेफ ने मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता डॉ. संजय कुमार दादू, सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत, सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरडी बकोरिया, आरएमओ डॉ. कलमे, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. रंजीत बडोले, सहायक अधीक्षक डॉ. सुनील बाजोलिया के साथ बैठक की। उन्होंने सभी उनके कार्यों और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।