लोगों को कराया जा रहा एप की डाउनलोडिंग, जांच की हकीकत में नहीं हुई सफाई, लाकेशन भी दूसरा...
खंडवा. पूरे देश में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों और उच्च पदस्थ लोगों की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ, जब इस वेवसाइट की हकीकत को देखा। स्थिति यह है कि खंडवा नगर निगम को जिन शिकायतों को दूर करने के लिए भेजा गया है, उसमें खंडवा की जगह पूरे देशभर की शिकायतें दिख रही है। एप पर शिकायत करने पर उसकी लोकेशन ही गलत आ रहा है और इससे यह शिकायतें भी दूर नहीं हो रही है।
खंडवा की साइट पर इन स्थानों की है शिकायतें
- बनारस उत्तरप्रदेश
- बिलासपुर छत्तीसगढ़,
- छैगांव माखन, खंडवा
- पंधाना, खंडवा
- दिल्ली की पांच
- बल्लरपुर महाराष्ट्र पांच
शिकायत करने पर यह हुई कार्रवाई
एप की हकीकत को जानने के लिए नगर निगम परिसर में एप डाउनलोड किया गया। इसके बाद नगर निगम कार्यालय के डस्टबिन की फोटो दोपहर १२ बजे एप पर अपलोड कर शिकायत की गई। डस्टबिन की सफाई तो दूर न तो कहीं से फोन आया और न ही शिकायतकर्ता को कोई मैसेज, कि शिकायत दूर हुई या नहींं। इस एप के माध्यम से जहां नगर निगम अधिकतम १२ घंटे में सफाई करके ओके रिपोर्ट देने का दावा कर रहा है, वहीं सफाई तो दूस शिकायत भी कहां हो रही है, इसके बारे में भी बताने वाला कोई नहीं है। एेसे में इसकी हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।दावा पांच हजार का, नहीं मिल रही जानकारी
नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी पूरे शहर में पांच हजार एप के डाउन लोडिंग का दावा कर रहे हैं। जबकि कोई एेसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह बताया जा सके। कंप्यूटर में इसकी संख्या कुछ भी नहीं शो हो रहा है। एेसे में यह एप कितने लोगों ने डाउन लोड किया, कितनी शिकायतें आईं, कितनी शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।