खंडवा

पढ़ें कैसे तेजी से फैल रही है ये बीमारी, डेढ़ साल में 2055 मरीज

ताजा रिपोर्ट में अब तक 28 की जा चुकी है जान

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Jul 02, 2018
TB disease

खंडवा. नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट में जिला क्षय रोग नियंत्रण में पिछड़ा हुआ है। क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में पिछडऩे की बात कलेक्टर विशेष गढ़पाले पिछले दिनों हुई बैठक में भी बोल चुके है। बावजूद इसके क्षय रोग नियंत्रण के लिए अब तक विशेष प्रयास शुरू नहीं हो पाए है। आंकड़ों की बात करें तो जिले में पिछले डेढ़ साल में टीबी बीमारी (क्षय रोग) ने २०५५ लोगों को अपनी चपेट में लिया है। वहीं 28 लोगों की जान ली है। मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के तमाम क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के बाद भी यह बीमारी ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब शहरीय क्षेत्र में पैर पसाने लगी है।
अस्पताल के आंकड़ों को देखे तो ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही लगातार शहरीय क्षेत्र में टीबी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 में जिले में 1428 टीबी पॉजीटिव मरीज सामने आए थे। जिनमें से २३ मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस साल मई माह तक 627 टीबी मरीजों को चिह्नित किया गया है। जिसमें पांच मरीजों ती मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग बीमारी पर नियंत्रण करने के लिए मरीजों को चिंह्नित कर नियमित उपचार की मशक्कत में लगा हुआ है।


पलायन और दवा नहीं लेने से बढ़ रही बीमारी
जानकारों की मानें तो खालवा क्षेत्र में टीबी बीमारी का असर पलायन और नियमित दवाई नहीं लेने के कारण बढ़ रहा है। इसके अलावा लोग समय से उपचार नहीं कराते हैं। हालही में खालवा क्षेत्र निवासी दो संगी बहनों की मौत टीबी बीमारी के चलते हुई थी। मामले की जांच में सामने आया कि वह दोनों बहनें मजदूरी की तलाश में महाराष्ट्र पलायन कर गई थी। इस दौरान उन्होंने नियमित दवाई नहीं ली थी। खालवा ब्लॉक में वर्ष 2017 में 130 टीबी मरीज मिले थे। जिसमें पांच की मौत हुई है। वहीं इस वर्ष अब तक 60 टीबी मरीजों को चिंह्नित किया गया है। इसमें दो मरीजों की मौत चुकी है।


गांवों की बजाय शहरों में फैल रही बीमारी
पहले यह माना जाता था टीबी गरीबों को होने वाली बीमारी है। यह रोग गंदी और निचली बस्ती में रहने वाले लोगों को होता है, लेकिन अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों को देखे तो यह साफ हो गया है कि गांवों की बजाय शहरीय क्षेत्र में भी टीबी तेजी से फैल रहा है। डेढ साल में जिले के 2055 टीबी मरीजों में सभी तबके के लोग शामिल हैं। नशा और एचआईवी संक्रमण टीबी फैलने का कारक बन रहा है।


यहां कराए टीबी की जांच
अगर तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी हो तो नजदीक के सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जहां बलगम की जांच होती है। वहां बलगम के तीन नमूनों की नि:शुल्क जांच कराएं। टीबी की जांच और इलाज सभी सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त होती है। 6 से 8 महीने तक रोगी को डॉट्स पद्धति से दवाई दी जाती है।


प्रमुख लक्षण
तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी
बुखार विशेष तौर से शाम को बढऩे वाला बुखार, छाती में दर्द
वजन का तेजी से घटना
भूख में कमी
बलगम के साथ खून आना

Published on:
02 Jul 2018 06:05 am
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