
खंडवा. रिटायरमेंट की डेहरी पर खड़े खंडवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डीएस चौहान रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए हैं। सोमवार की दोपहर करीब साढ़े 3 बजे इंदौर की लोकायुक्त टीम ने उनके आवास में दबिश दी है। तबादले के लिए रिश्वत के तौर पर नर्स से लिए 10 हजार रुपए उनके पास मिले हैं। लोकायुक्त निरीक्षक राहुल गजबे और प्रतिभा तोमर की टीम ने जब सीएमएचओ को ट्रैप किया तो उनके हाथ से रिश्वत का रंग उतरता चला गया।
शिकायत के बाद सौदा
बताते हैं कि स्टॉफ नर्स सविता झरबड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छैगांवमाखन में पदस्थ है। पारिवारिक कारणों से उसने अपना तबादला जिला अस्पताल में चाहा तो उससे रिश्वत की मांग की गई। आरोप है कि सीएमएचओ डीएस चौहान ने तबादला करने के लिए 40 हजार रुपए मांगे।
लोकायुक्त के पास पहुंची नर्स
सीएमएचओ को लगातार अर्जी देने और रिश्वत नहीं देने पर तबादला नहीं होने से परेशान नर्स सविता ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि तक हो गई जब बातचीत के दौरान सीएमएचओ से 35 हजार रुपए में लेनदेन तय हुआ।
धूप में तपते रहे अफसर
लोकायुक्त टीम सुबह ही खंडवा आ गई थी। लेकिन टीएल बैठक में सीएमएचओ की व्यस्तता होने के कारण अफसरों को तपती धूप में इंतजार करना पड़ा। अपने आवास में पहंुचने के बाद जब सीएमएचओ ने नर्स को रिश्वत लेकर बुलाया तो पीछे से लोकायुक्त टीम दबिश देने पहुंच गई। रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रुपए लेते सीएमएचओ को रंगेहाथ ट्रैप कर लिया गया। लोकायुक्त टीम ने सीएमएचओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के अंतर्गत केस दर्ज कर कार्यवाही शुरू की है।
जुलाई में हो जाते सेवानिवृत्त
नर्स सविता की समझदारी से एक भ्रष्ट अफसर का कारनामा सामने आया है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पहले कितनों से रिश्वत ली गई होगी। सीएमएचओ के पकड़े जाने के बाद स्वस्थ्य महकमा में हड़कंप मचा हुआ है। बताते हैं कि रिश्वत लेते पकड़े गए सीएमएचओ डीएस चौहान जुलाई 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले थे और उससे पहले ही वह रिश्वत के दाग से दागदार हो गए।