खंडवा

पंचायतों के भ्रष्टाचार पर ग्रामीणों में पनप रहा आक्रोश

-मोरदड़ के सरपंच, सचिव की शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण-सिंगोट की महिलाओं ने लगाई कुटिर, मनरेगा मजदूरी के लिए गुहार

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Sep 08, 2020
-मोरदड़ के सरपंच, सचिव की शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण-सिंगोट की महिलाओं ने लगाई कुटिर, मनरेगा मजदूरी के लिए गुहार

खंडवा.
पंचायती राज में ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच रहा है। पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश भी पनप रहा है। पंधाना तहसील की ग्राम पंचायत सिंगोट में तो ग्रामीणों ने पंचायत भवन में शराब-मुर्गा की पार्टी करते हुए सरपंच, सचिव, सहायक सचिव को रंगे हाथ भी पकड़ा है। मंगलवार को सिंगोट, मोरदड़ सहित अन्य ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए संबंधित सरपंच, सचिव, सहायक सचिवों पर कार्रवाई की मांग भी की।
मंगलवार को पंधाना तहसील के ग्राम मोरदड़ के 150 से ज्यादा ग्रामीण पंचायत में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई की मांग करने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा शौचालय निर्माण में हद से ज्यादा भ्रष्टाचार किया गया। बिना शौचालय बने राशि आहरित कर ली गई। 25 हैंडपंपों के पाइप निकालकर बिना किसी नीलामी प्रक्रिया के बेच दिए गए। 3.5 लाख की लागत से स्वीकृत रोड बिना बनाए राशि निकाल ली गई। ग्राम में पांच तालाब बिना प्राकलन के फर्जी लोगों से नपवा कर, जेसीबी से कार्य कराया गया। बेरोजगारों को काम देने की बजाए सरपंच, सचिव ने अपने रिश्तेदारों को काम करना दर्शाया गया। ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने परिवार के फर्जी जाब कार्ड बनाए गए है। इसके साथ कई अन्य अनियमिताएं भी पंचायत में हुई है। ग्रामीणों ने इन सब कार्यों की जांच कर संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की।
न बीपीएल कार्ड बने, न आवास मिला
ग्राम सिंगोट से आए ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और सहायक सचिव की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में कई गरीब, मजदूर परिवार है, जिनके बीपीएल कार्ड तक नहीं बनाए गए है। यहां गरीबों को आवास योजना का लाभ भी नहीं दिया गया है। सरपंच, सचिव द्वारा रिश्वत लेकर अपात्रों को लाभांवित किया गया है। ग्रामीणों ने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की। वहीं, पंचायत अंतर्गत राज्य स्वच्छता मिशन में नियुक्त किए गए मेट (स्वच्छाग्राही) ने भी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। स्वच्छाग्राहियों ने बताया कि मेट की नियुक्ति के दौरान उन्हें जागरुकता अभियान के लिए मॉस्क, सैनेटाइजर, आईडी कार्ड तक नहीं दिए गए। साथ ही एसबीएम के कार्य का मानदेय भी अभी तक नहीं दिया गया है।

Published on:
08 Sept 2020 09:36 pm
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