
वर्ष 2025 के शुरुआती चार माह में जिले में कुल 295 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 337 लोग घायल हुए और 95 लोगों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2026 में जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रेल में दुर्घटनाओं की संख्या 292 रही, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 401 हो गई। इसके बावजूद मृतकों का आंकड़ा घटकर 78 पर पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि समय पर उपचार, सड़क सुधार और ब्लैक स्पॉट पर किए गए छोटे-छोटे बदलावों का इसका बड़ा कारण माना जा रहा है।
इन मार्गों पर किया गया सुधार
जिले के इंदौर-मुक्ताईनगर नेशनल हाइवे, बैतूल स्टेट हाईवे और जसवाड़ी रोड पर पिछले कुछ समय में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई सुधार कार्य किए गए। डिवाइडर मरम्मत, संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग और खराब हिस्सों की मरम्मत की गई। टिठियाजोशी पुल के दोनाें तरफ मोड़ पर सोलर ब्लिंकर लाइट लगाए हैं। जिससे दुर्घटनाएं कम होने के साथ ही लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
इन प्रमुख मार्ग अब भी बने खतरा
हालांकि जिले के अमरावती स्टेट हाइवे पर पिपलौद थाना क्षेत्र में तालियाधड़ बाबा मंदिर तक सुधार कार्य नहीं हुए हैं। यहां अब भी खतरा बना हुआ है। इसी तरह से मुंदी-पुनासा-सनावद रोड अब भी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इंदौर रोड पर दोंदवाड़ा के पास पुलिया पर अंधा मोड़ हैं। इन मार्गों पर संकेतकों की कमी और भारी वाहनों का दबाव लगातार हादसों का कारण बन रहा है।
वर्ष - दुर्घटना - घायल - मौत
2025 - 295 - 337 - 95
2026 - 292 - 401 - 78
- ब्लैक स्पॉट के साथ ही अन्य स्थानों पर भी दुर्घटनाएं हो रही है। जिन्हें रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मुख्य रूप से नेशनल हाइवे पर प्रशिक्षु आइपीएस अमित कुमार का ध्यान विशेष तौर पर दुर्घटनाऐं रोकने में हैं, वे लगातार रोशिया फाटा व अन्य दुर्घटना संभावित स्थान पर जाकर सुधार कार्य करवा रहे हैं, जिसका असर अब दिखने लगा है। - अनिल कुमार राय, यातायात डीएसपी।
Published on:
30 May 2026 12:16 pm
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