-चंद्र ग्रहण पर ज्योतिर्लिंग मंदिर सहित अन्य मंदिरों में नहीं होंगे दर्शन -श्री दादाजी धाम में सेवा, पूजा, आरती सहित दर्शन रहेंगे चालू
वर्ष का पहला खग्रास चंद्रग्रहण 3 मार्च मंगलवार को दिखेगा। चंद्रग्रहण के चलते सुबह से सूतक काल होने के कारण मंदिरों के पट बंद रहेंगे, जो शाम को चंद्र ग्रहण का असर खत्म होने के बाद ही खुलेंगे। शहर में स्थित अवधूत संत श्री दादाजी महाराज का आश्रम ही एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां किसी भी ग्रहण का असर नहीं पड़ता। चंद्र ग्रहण पर भी श्री दादाजी धाम दर्शन के लिए खुला रहेगा।
मान्यता है कि धूनीवाले दादाजी श्री केशवानंद महाराज (बड़े दादाजी) भगवान शंकरजी के अवतार और अवधूत है। उनके देह त्याग करने के बाद छोटे दादाजी महाराज ने वर्ष 1930 में यहां आश्रम की स्थापना की थी। तब से लेकर आज तक श्री दादाजी आश्रम के पट कभी बंद नहीं हुए है। श्री दादाजी धाम 24 घंटे सातों दिन भक्तों के लिए खुला रहता है। चंद्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण किसी भी ग्रहण काल में भी यहां पट बंद नहीं किए जाते। ग्रहण काल में भी यहां नियमित सेवा, दैनिक क्रियाएं, आरती यथावत रहती है। मंगलवार को भी चंद्र ग्रहण पर यहां पट बंद नहीं होंगे। भक्त श्री दादाजी धाम में दर्शन कर सकेंगे।
ओंकारेश्वर, ममलेश्वर में 5 घंटे पट बंद
मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे। मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि चंद्रग्रहण के पश्चात शाम 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक मंदिर के शुद्धिकरण एवं साफ सफाई के बाद रात्रि 8 बजे से श्रद्धालुगण मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।
ग्रहण के बाद रात में खुलेंगे मंदिर
शहर में भी सभी मंदिरों में सुबह से ही सूतक काल के चलते पट बंद रहेंगे। प्राचीन सिद्धपीठ तुलजा भवानी माता मंदिर के पुजारी गौरवसिंह चौहान ने बताया सुबह सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। ग्रहण खत्म होने के बाद गंगा जल, नर्मदा जल से मंदिर की सफाई होगी। इसके बाद अभिषेक, पूजन और आरती की जाएगी। राम नगर स्थित खाटू श्याम मंदिर में भी 23 घंटे पट बंद रहेंगे। मंदिर सेवादार विजय वर्मा ने बताया कि ग्रहण के कारण 2 मार्च की रात्रि 10 बजे से मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे, जो अगले दिन 3 मार्च की रात्रि 9 बजे ही खुलेंगे।
दोपहर 3.23 से शाम 6.47 तक ग्रहण
मां शीतला संस्कृत पाठशाला आचार्य पं. अंकित मार्कण्डेय ने बताया सोमवार शाम 5.45 बजे से मंगलवार सुबह 5.23 बजे तक भ्रदाकाल है। चंद्र ग्रहण मंगलवार दोपहर 3.23 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 6.20 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में दर्शन, पूजन निषेध होते है।