खंडवा

पर्यटन उद्योग… इंदिरा सागर के बैक वॉटर टापू पर मिलेगी वॉटर स्पोट्र्स, वेलनेस सेंटर की सुविधाएं

-नजरपुरा आईलैंड पर इंदौर की कंपनी करेगी 138 करोड़ रुपए का इंवेस्ट -सरकार की साधिकार समिति के पास स्वीकृति के लिए रखा प्रस्ताव -अनुमति मिलने के बाद पर्यटन विकास निगम करेगा एलओयू जारी

2 min read
Jul 20, 2025
Tourism Industry

इंदिरा सागर बांध परियोजना के तहत डूब में बने टापुओं पर पर्यटन की अपार संभावनाएं सरकार और निजी कंपनियों को नजर आ रही है। हनुवंतिया, सैलानी और बोरियामाल टापू के बाद अब नजरपुरा टापू पर विश्व स्तरीय रिसॉर्ट अगले तीन साल में आकार लेगा। इंदौर की एक कंपनी द्वारा फरवरी में हुई जीआइएस में पर्यटन विभाग को प्रस्ताव दिया गया था। यह प्रस्ताव सरकार की साधिकार समिति के पास स्वीकृति के लिए रखा हुआ है।

इस वर्ष 23-24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में खंडवा जिले के लिए भी कई प्रस्ताव सामने आए थे। इसमें सबसे बड़ा प्रस्ताव इंदौर की रियल एस्टेस कंपनी ट्रेजर ने इंदिरा सागर के बैकवॉटर में बने नजरपुरा आईलैंड में अपनी रूचि दिखाई थी। कंपनी ने यहां करीब 150 करोड़ इंवेस्ट करने का प्लान सरकार को दिया है। जिसमें कंपनी द्वारा यहां लग्जरी रिसॉर्ट बनाने और वॉटर स्पोट्र्स शुरू करने की प्लानिंग है। करीब साढ़े 17 हेक्टेयर वर्गफल में बने इस टापू पर 100 से ज्यादा लग्जरी रूम, दो रेस्टोरेंट सहित वेलनेस सेंटर जिसमें स्पॉ, मेडिटेशन, योगा एवं अन्य गतिविधियां संचालित की जाएगी।

पर्यटन विभाग नहीं संभाल पाया अपने टापू
पर्यटन निगम द्वारा बैकवॉटर से घिरे हनुवंतिया और सैलानी टापू पर पर्यटन की दृष्टि से विकास किया गया। हनुवंतिया पर शिवराज सरकार के समय तक जल महोत्सव भी आयोजित किए गए। मिनी सिंगापुर के नाम से प्रचारित इस टापू को पर्यटन विभाग संभाल ही नहीं पाया। पिछले साल तो यहां जल महोत्सव का आयोजन भी नहीं हुआ। वहीं, सैलानी टापू पर भी पर्यटन विभाग पर्यटन को बढ़ावा नहीं दे पाया। इस टापू पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रात भी बिताई थी। अब ये टापू उजाड़ पड़ा है। वहीं, वन विभाग द्वारा बोरियामाल टापू को विकसित करने का प्लान भी अधर में है।

पर्यटन विभाग को निजी कंपनी से उम्मीद
पर्यटन विभाग ने अब निजी कंपनी ट्रेजर के माध्यम से नजरपुरा टापू को विकसित करने का प्लान बनाया है। ट्रेजर कंपनी द्वारा देशभर में रियल एस्टेट सहित पर्यटन के क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट खड़े किए गए है। कंपनी के प्रस्ताव को सरकार की साधिकार समिति के पास भेजा गया है। साधिकार समिति मप्र सरकार के विशिष्ट मामलों में निर्णय लेती है। इस समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं और समिति का काम लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर निर्णय लेना है।

स्वीकृति के बाद होगा एलओयू जारी
टूरिज्म बोर्ड द्वारा ट्रेजर कंपनी का प्रस्ताव साधिकार समिति के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद बोर्ड द्वारा एलआयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) जारी किया जाएगा।
विकास खरे, पीआरओ टूरिज्म बोर्ड

Published on:
20 Jul 2025 11:27 am
Also Read
View All

अगली खबर