
जनजातीय कार्य विभाग के हॉस्टलों में अधीक्षक की कुर्सी पर वर्षों से जमे रहने का दौर अब खत्म होगा। विभाग ने सात साल की सीमा तय कर दी है। अब न पुराना प्रभार चलेगा, न दूसरी संस्था में वही जिम्मेदारी दोबारा मिलेगी। यानी कुर्सी से मोह रखने वालों के लिए इस बार सिर्फ 15 विकल्प दिए गए हैं।
जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने छात्रावासों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में 7 साल कार्य अवधि वाले अधीक्षकों को बदलने का निर्णय लिया है। इसमें ऐसे अधीक्षक भी शामिल हैं जिन्होंने नौकरी के दौरान संस्थाओं में बतौर अधीक्षक सात साल पूर्ण कर लिया है। अब ऐसे शिक्षक अधीक्षक नहीं बन सकेंगे। विभाग ने लंबे समय से एक ही संस्था में जमे अधीक्षकों से ई-एचआरएमएस पोर्टल पर विकल्प मांगे गए हैं। खंडवा जिले में भी 50 से अधिक अधीक्षकों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की गई है। प्रदेशभर में यह रिपोर्ट पांच हजार से अधिक हो गई है। शासन के पत्र पर सहायक अधीक्षक डॉ नारायण सिंह ने पत्र जारी किया है।
विभाग के 6 मई 2005 के पूर्व आदेश के अनुसार अधीक्षक का कार्यकाल 3 वर्ष निर्धारित था। उत्कृष्ट कार्य होने पर इसे 5 वर्ष तक बढ़ाया। नवीन आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी संस्था में 7 वर्ष से अधिक समय पूरा कर चुके अधीक्षकों को अब उसी संस्था में नहीं रखा जाएगा।
जिन शिक्षकों के पास छात्रावास या आश्रम का अधीक्षक प्रभार है। लेकिन उनका वेतन किसी अन्य संस्था से आहरित हो रहा है। उन्हें तत्काल उनकी मूल संस्था में वापस भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित छात्रावास का प्रभार उसी जिले की शाला के शिक्षक को दिया जाएगा।
जो अधीक्षक मूल रूप से छात्रावास या आश्रम में ही पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण कलेक्टर के अनुमोदन पर होगा। विभाग ने यह भी साफ किया है कि 7 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके किसी अधीक्षक को दोबारा किसी अन्य छात्रावास का प्रभार नहीं दिया जाएगा। ' एक छात्रावास, एक अधीक्षक ' व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
सात साल से पदस्थ अधीक्षकों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से आवेदन करना था। उन्हें अधिकतम 15 संस्थाओं के विकल्प दिया गया है। रिक्त पदों के पर पदस्थापना की जाएगी। विभाग ने जिला अधिकारियों को तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
12 अक्टूबर से दूसरा चरण
दूसरा चरण 12 से 14 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें छात्रावास, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों के लिए शिक्षकों से ई-एचआरएमएस पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में उच्च माध्यमिक शिक्षक स्तर के शिक्षक अधीक्षक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। आश्रम शालाओं और सीनियर छात्रावासों के लिए माध्यमिक शिक्षक स्तर के शिक्षकों के आवेदन स्वीकार होंगे। बालिका छात्रावासों में केवल महिला शिक्षकों के आवेदन मान्य होंगे। विशेष भर्ती अभियान पीवीटीजी के तहत नियुक्त शिक्षकों को स्थानांतरण प्रक्रिया से छूट दी गई है।
आवेदक में गलत जानकारी देने या उसका गलत सत्यापन करने पर संबंधित आवेदक के साथ आहरण एवं संवितरण अधिकारी ( डीडीओ ) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोनों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कटऑफ : एक ही संस्था में 7 साल से अधिक पदस्थ
पहला चरण : 5 से 7 अक्टूबर
विकल्प : अधिकतम 15 संस्थाएं
दूसरा चरण : 12 से 14 अक्टूबर
पोर्टल : ई-एचआरएमएस
बालिका छात्रावास : महिला शिक्षक ही पात्र
विशेष छूट : पीवीटीजी भर्ती के शिक्षक
व्यवस्था : एक छात्रावास, एक अधीक्षक