
महाराष्ट्र के कचनेर पाश्र्वनाथ तीर्थ के समीप आचार्य कुन्थुसागर, श्री कनकनंद व अंजनगिरी उदारक धर्म तीर्थ प्रणेता प्रज्ञा योगी जैनाचार्य गुप्तीनंदी गुरूदेव के अनंत आशीर्वाद एवं प्रेरणा से श्री क्षेत्र धर्म तीर्थ का निर्माण किया जा रहा है। इस तीर्थ में चौबीसों तीर्थंकरों की मूर्तियों के साथ देश की पहली चौबीस भुजाओं वाली पांच फीट की अष्टधातु की मां भैरव पद्मावती की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इससे पहले प्रतिमा देश के अलग-अलग शहरों में पहुंच रही है। प्रतिमा कुन्थुगिरि, गोमटेश्वर बाहुबली दक्षिण भारत के प्रमुख स्थलों से मुंबई महाराष्ट्र, गुजरात होते हुए मप्र के लिए खंडवा पहुंची। पूजा अर्चना में समाज के वीरेंद्र भटयाण, सुनील जैन, देवेंद्र सराफ, मनोहरलाल बडज़ात्या, अविनाश जैन, किरण पाटनी, अनिल छाबड़ा, निखलेश जैन, कांतिलाल जैन, सुभाष गदिया, रमेश रावका, संतोष सेठी, प्रेमांशु चौधरी, विजय पाटनी, संदीप जैन, सचिन जैन, कैलाश पहाडिय़ा, मिनित जैन, विनय चौधरी, चिंतन जैन, विपिन जैन सहित समाज के वरिष्ठ नागरिकों के साथ समाजजन उपस्थित थे।