खंडवा

परदेश से एड्स लेकर लौट रहे युवा, इन क्षेत्रों के युवा सबसे ज्यादा पॉजिटिव पाए गए

जिले में हर साल एचआइवी ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस ) पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें ज्यादातर सीमावर्ती राज्यों से लौटे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चौकाने वाली बात यह कि मरीजों की कान्ट्रेक्ट हिस्ट्री में सीमावर्ती राज्यों में रोजगार करने गए लोगों का एक से अधिक महिलाओं के संपर्क में आने की पुष्टि हुई है। पॉजिटिव की रिपोर्ट में अविवाहित से ज्यादा विवाहित लोग शामिल है।

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Dec 01, 2024
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चालू वर्ष-2024, में छह माह के भीतर 11 हजार के अधिक की जांच, 69 की रिपोर्ट पॉजिटिव, 35 से अधिक ले रहे उपचार, जिले में हर साल एचआइवी ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस ) पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें ज्यादातर सीमावर्ती राज्यों से लौटे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चौकाने वाली बात यह कि मरीजों की कान्ट्रेक्ट हिस्ट्री में सीमावर्ती राज्यों में रोजगार करने गए लोगों का एक से अधिक महिलाओं के संपर्क में आने की पुष्टि हुई है। पॉजिटिव की रिपोर्ट में अविवाहित से ज्यादा विवाहित लोग शामिल है।

पांच माह में 11 हजार से ज्यादा की जांच

मेडिकल कालेज अस्पताल परिसर में आईसीटीसी ( एकीकृत परामर्श और जांच केंद्र ) में हर साल दस हजार से अधिक लोगों की जांच की जा रही है। चालू वर्ष में अप्रैल से अब तक 11 हजार से ज्यादा लोगों की जांच की गई है। इसमें 69 की रिपोर्ट एचआइवी पॉजिटिव है। इसमें सबसे अधिक खंडवा ( शहर ) में 13 संक्रमित मिले हैं। छैगांव माखन 24 और पुनासा 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव हैं। सबसे कम पंधाना में एक ही संक्रमित है।

महाराष्ट्र रोजगार करने गए थे, बन गए अनचाहे रिश्ते

पत्रिका से एचआइवी पॉजिटिव तीन अलग-अलग मरीजों ने अपनी कहानी शेयर की। दोस्तों के साथ महाराष्ट्र रोजगार करने गए थे। निजी कंपनी में काम के दौरान जिस मोहल्ले में रात्रि विश्राम करते थे। वहां खाना पकाने आई एक महिलाओं के संपर्क में आए। अनचाहा संबंध बनने के बाद मालूम हुआ कि उसकी रिपोर्ट एचआइवी पॉजिटिव है। रोजगार छोडऩे के बाद घर लौट आए। खून की जांच में पता चला कि आंशिक लक्षण मिल हैं। लौटने के बाद पत्नी से आप बीती बताई और उसकी जिंदगी सुरक्षित रहे इस लिए उसके संपर्क में नहीं रहता। उपचार ले रहा हूं। परिवार और समुदाय में नहीं फैले। इसका बचाव करता हूं।

आठ-दस साल बाद पता चलता है लक्ष्ण

एचआइवी वायरस है। जबकि एड्स इसके विषाणु से होने वाली बीमारियों के समूह का नाम है। एचआइवी जब किसी मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है तो लगभग 8-10 वर्ष तक या कई बार इससे अधिक समय में रोगों से लड़ने की क्षमता को धीरे-धीरे कम करता है।

एचआइवी से बचाव के उपाय

अपने साथी के साथ वफादारी, यौन संबंध के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें। लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक से खून का इस्तेमाल करें। हर बार नई या उबली हुई सुई और सिरिंज का इस्तेमाल करें। गर्भावस्था के दौरान जांच और उपायुक्त इलाज।

ऐसे नहीं होता है एचआइवी संक्रमण

साथ-साथ खाना खाने, सामाजिक व्यवहार जैसे हाथ मिलाना, गले मिलना। बर्तन, कपड़े, बिस्तर, टॉयलेट, टेलीफोन, स्विमिंग पूल आदि के सामूहिक उपयोग से। खांसने, छींकने या हवा से नहीं होता है।

ऐसे फैलता है संक्रमण

एचआइवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने के चार रास्ते हैं। संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संपर्क, सूई या सिरिंज का दोबारा उपयोग, संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाने से, संक्रमित मां से उसके होने वाले शिशु को।

फैक्ट फाइल

वर्ष -कुल जांच -पॉजिटिव

2022- 5622- 45

2023 -8756 -57

2024 -11,240 -69

नोट : आंकड़ेआइसीटीआर केंद्र से उपलब्ध कराए हैं।

ब्लाकवार एड्स पॉजिटिव की रिपोर्ट

ब्लाक _पॉजिटिव

छैगांव माखन 23

पुनासा 12

खंडवा शहर 13

पंधाना 01

जावर 09

खालवा 04

हरसूद 03

किल्लौद 04

नोट : अप्रैल 2024 से लेकर अब तक की रिपोर्ट

विशेषज्ञों ने कहा...

जितेंद्र कुमार प्रजापति, काउंसलर, जिला अस्पताल...संक्रमण छूआछूत से नहीं फैलता है। उपचार के साथ परिवार और समुदाय में नहीं फैले इसके लिए आप स्वयं अलर्ट रहें। क्यों की आप की एक गलती दूसरे की जिंदगी को खतरे में डाल देगी। इस लिए इसका बचाव करें। हम मरीज के साथ खड़े हैं।

डॉ रंजीत बड़ोले, अधीक्षक, मेडिकल कालेज सह अस्पताल...एचआईवी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सही जानकारी और उपचार के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से हम इस बीमारी के प्रभाव को कम कर सकते हैं। संक्रमित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति रखना जरूरी है।

Updated on:
10 Dec 2024 03:31 pm
Published on:
01 Dec 2024 12:20 pm
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