खरगोन. खरगोन से सनावद तक वर्ष 2017 में बने मार्ग की मरम्मत के लिए शासन स्तर से 12 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मगर संबंधित एजेंसी ने साइड पटरी तक नहीं भरी। इस मार्ग से रोजाना दस हजार से अधिक वाहन दौड़ लगाते हैं। गोगांवा और अहीरखेड़ा के बीच स्थिति ज्यादा खराब है।
खरगोन. सडक़ें दुरुस्त हो, राहगीरों को गड्ढों से मुक्ति मिले इसके लिए सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर इस राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा। इसका ताजा उदाहरण खरगोन से सनावद तक बनी सडक़ के मेंटेनेंस में देखा जा सकता है। यहां मार्ग की मरम्मत के लिए 12 करोड़ रुपए खर्च किए गए, मगर मार्ग अभी भी गडबड़ है। कहीं असमतल सडक़ को ही सोल्डर नहीं भरे गए हैं। इससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। खरगोन से सनावद से तक बनी इस सडक़ से रोजाना हजारों वाहनों की अजावाही होती है।
राहगीरों के अनुसार गोगांवा और अहीरखेड़ा के बीच कई जगह सडक़ असमतल है। इससे बाइक सवार फिसलते हैं, हादसों का डर हमेशा बना रहता है। इसके अलावा मार्ग की पटरियों पर भी काम ठीक से नहीं किया जा रहा। यदि वाहन सडक़ से नीचे उतरता है तो उसे वापस चढ़ाने में चालकों के पसीने छूटते हैं।
इस मार्ग पर पूर्व में भी कई सडक़ हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी गई है। ऐसे में रहवासियों का कहना है कि मार्ग मेंटेनेंस बेहतर होना चाहिए। हालांकि यह मार्ग वर्ष 2017 में तैयार किया गया था। अब इसका मेंटेनेेंस कार्य किया गया है। इस मार्ग से कई ग्रामीण रुट व बड़े शहरों की कनेक्टिविटी है।
जानकारी के अनुसार यहां मार्ग के दोनों साइड पर मुरुम डालकर रोलर से दबाई होना थी मगर यहां पुरानी सडक़ खोदकर रॉ मटेरियल किनारों पर डाला गया है। उधर, विभागीय अफसरों का कहना है कि काम पारदर्शिता के साथ किया गया है, यदि कहीं परेशानी है तो उसे दुरुस्त कराएंगे।
डामर उखाडकऱ साइड में फेका था, सोल्डर में परेशानी नहीं है। कुछ जगह हल्का असमतलीकरण है, वह भी ठीक कर रहे हैं। सनावद से खरगोन तक 12 करोड़ रुपए से मार्ग का मेंटेनेंस कराया है।
12 crore rupees