दूषित पानी पीने से जामली गांव के 250 बीमार 

नाली में डाल दिए नल-जल योजना के पाइप, साफ भी नहीं होता पानी..पंचायत की लापरवाही से ग्रामीणाों में आक्रोश, सरपंच को घेरकर सुनाई खरीखोटी
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Updated: 30 Jun 2017, 8:52 PM IST
250 sick in Jhumli village of Khargone
250 sick in Jhumli village of Khargone
खरगोन. शहर से 8 किमी दूर जामली गांव में दूषित पानी पीने से 250 लोग बीमार हो गए। गुरुवार सुबह गांव में कुछ लोगों को उल्टी-दस्त होने लगे। इसके बाद अचानक ही मरीजों की संख्या बढऩे लगी। वहीं शाम तक यहां करीब 108 लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए पहुंचे। जबकि शुक्रवार शाम तक मरीजों का आंकड़ा 250 के पार हो गया। उधर, एक साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की तबीयत बिगडऩे की सूचना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी लगते ही अधिकारी दौड़कर जामली पहुंचे और ग्रामीणों की जानकारी ली। यहां कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा, एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती, एसडीएम शारदा चौहान ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

गांव के हर घर में लोग बीमार
सीएमएचओ डॉ. गोविंद गुप्ता ने बताया लोगों को दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त हो रहे है। दो दिन से लगातार मरीज उपचार के लिए आ रहे है। स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन में मरीजों को स्लाइन लगाकर उपचार किया गया। ग्रामीण शांतीलाल कुशवाह, सुनील कुशवाह, कैलाश कुशवाह आदि ने बताया गांव के प्रत्येक घर में कोई न कोई सदस्य उल्टी-दस्त का शिकार हो रहा है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन रहा है। हर कोई पानी पीने से कतरा रहा है।
ग्रामीण अन्नपूर्णा बाईने बताया कि परिवार में बच्चों से लेकर बूढ़े तक 12 लोग बीमार है। पानी की खराबी को लेकर लगातार शिकायत करते थे, लेकिन पंचायत में कोई सुनवाईनहीं होती थी। सीएमएचओ डॉ.गोविंद गुप्ता और पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री संतोष श्रीवास्तव भी गांव का निरीक्षण किया।


जानें.. आखिर क्यों फैली बीमारी
करीब तीन हजार की आबादी वाले गांव में तीन कुओं से होता है पानी सप्लाय, साफ करने की नहीं व्यवस्था। ग्रामीणों ने बताया सभी कुंओं का पानी एक जगह इकठ्ठा किया जाता है। फिर इसे गांव में सप्लाय किया जाता है। यहां पानी साफ करने की कोईव्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि जिन कुओं से पानी सप्लाय होता है, उन्हें कभी ढंका नहीं गया। इसमें गंदगी होती है।यह पानी बिना साफ किए ही घरों तक पहुंचा दिया जाता है।


पाइप लाइन में भर रहा नाली का पानी
हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए गांव में नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन डाली गईहै। यहां पीवीसी पाइप का जाल खुले में गंदी नालियों में बिछाया गया है। जो जगह-जगह से फूट चुके है। इन फूटे पाइपों में नाली का गंदा पानी भर जाता है, जो नल के माध्यम से घरों तक पहुंचता है।

contaminated water due to PHE fault in khargone
सरपंच से बोले ग्रामीण -हमारे मरने का इंतजार कर रहे हो
गांव में बीमारी का प्रकोप बढऩे से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब कुएं का निरीक्षण कर रही थी, तो यहां सरपंच धरमसिंह वास्कले भी आ गए। ग्रामीणों ने सरपंच को घेरते हुए खूब खरीखोटी सुनाई। ग्रामीण रामचरण कुशवाह, रविंद्र कुशवाह आदि ने कहा -सरपंच साहब अब क्या हमारे मरने का इंतजार कर रहे हो। गांव के लोग बीमार हो रहे है। कुएं की सफाई नहीं हुई। नालियों में पानी के पाइप डाल दिए। हमारी नहीं सुनते थे, अब हालात बिगड़ रहे है।इधर सरपंच ग्रामीणों को समझाइश देते रहे।

कुएं-हैंडपंप के आसपास गंदगी का अंबार
गांव में पेयजल का संकट बना हुआ है। ग्रामीण रविंद्र कुशवाह ने बताया 15 दिन में एक बार जल सप्लाय होता है। यहां हैंडपंप और कुओं के आसपास गंदगी पसरी हुई है। कच्ची नालियों का पानी सड़कों पर बहता है। कुओं में भी बड़ी मात्रा में कूड़ा पड़ा हुआ है। यह पानी ही गांव में बांटा जाता है।

उपचार कर रहे
गंदे पानी के कारण मरीजों को डायरिया हो रहा है। दो दिन से लगातार मरीज सामने आ रहे है। स्वास्थ्य टीम द्वारा उपचार किया जा रहा है। गांव के हालातों पर लगातार नजर रखी जा रही है।वर्तमान में हालात नियंत्रण में है।
- डॉ. गोविंद गुप्ता, सीएमएचओ, खरगोन
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