खरगोन. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 21 लोगों की मौत हो गई। अब भी कई लोग अस्पतालों में भर्ती है। सरकार इस गंभीर मामले पर एक्शन मोड में है। उधर, स्थानीय नगरपालिका के अमले ने भी शहर में पानी की सैंपलिंग और नालियों से गुजरी लाइन को अलग करने का काम शुरू किया है।
खरगोन. नगरपालिका की टीम ने शहर के 33 वार्डों से अब तक 105 पानी के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा शहर में वितरण के लिए बनी 8 टंकियों व करीब 20 कुंओं से भी पानी के जांच नमूने लेकर पड़ताल के लिए पीएचई लैब भेजा है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। इसके बाद पता चलेगा कि हमारे शहर में सप्लाई होने वाला पानी कितना शुद्ध है।
नगरपालिका के जल शाखा प्रभारी संजय सोलंकी ने बताया टीमें लगातार फिल्ड में है। रविवार को भी कुछ वार्डों से सैंपलिंग की गई। कुछ पैरामीटर तो मौके पर नापे जा रहे हैं, जबकि टंकियों व कुओं के पानी का सैंपल पीएचई विभाग की लैब में भेजा है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार तक पहुंचे। रविवार को भी टीमों ने अंजुमन नगर, तालाब चौक, मोहन टॉकीज क्षेत्र आदि का भ्रमण किया। इन स्थानों पर लिकेज की शिकायतें भी थी जिन्हें दुरुस्त किया गया है।
गौरतलब है कि शहर में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पानी की लाइन नालियों से होकर गुजर रही है। ऐसे में यदि लिकेज की समस्या हुई तो पाइप के जरिए नालियों का पानी घरों तक पहुंचेगा। हालांकि नपा प्रबंधन का दावा है कि ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां से लाइन शिफ्ट कराई जा रही है।
ज्ञात हो कि शहर में 96 करोड़ की लागत से तैयार जलावर्धन योजना के तहत पानी का सप्लाई किया जा रहा है। यह काम जेएमसी कंपनी ने किया था। हालांकि इस लाइन में भी लिकेज व कम प्रेशर से पानी आने की समस्याएं बरकरार है।
-शहर में अब तक कुल 105 जगह से पानी के सैंपल लिए हैं। टंकियों व कुंओं के नमूने पीएचई लैब पहुंचाए हैं। इसकी रिपोर्ट संभवत: सोमवार को मिलेगी। जहां नालियों से लाइन गुजरी है उसे भी शिफ्ट कराया जा रहा है। -संजय सोलंकी, जल शाखा प्रभारी, नगरपालिका खरगोन