खरगोन

महिला आरक्षक गश खाकर गिरी, एसडीओपी के पैर छालों से छलनी, जवान डिहाड्रेशन का शिकार

शांति का शहर खरगोन हिंसा की आग में ऐसे भड़का है कि आठ दिनों से यहां के बाशिंदे कफ्र्यू का दंश झेल रहे हैं। घरों में कैद लोग अब भी खौफ और डर के माहौल में है।

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Apr 17, 2022
महिला आरक्षक गश खाकर गिरी, एसडीओपी के पैर छालों से छलनी, जवान डिहाड्रेशन का शिकार

खरगोन. शांति का शहर खरगोन हिंसा की आग में ऐसे भड़का है कि आठ दिनों से यहां के बाशिंदे कफ्र्यू का दंश झेल रहे हैं। घरों में कैद लोग अब भी खौफ और डर के माहौल में है। जनता को सामान्य माहौल देने बिगड़ी फिजा को पटरी पर लाने के लिए पुलिस विभाग की कर्तव्य निष्ठा को नहीं भूला जा सकता। बीते आठ दिनों से पुलिस महकमा आराम छोड़ दिन-रात ड्यूटी पर तैनात है। तनाव के बीच लगातार ड्यूटी से कई जवान डिहाइड्रेशन, बेहोशी के शिकार हुए हैं। पैरों में छाले हो गए हैं। इसके बाद भी डटे हैं।

एसपी को किया टारगेट
पथराव वाले दिन उपद्रवियों ने एसपी सिद्धार्थ चौधरी को टारगेट किया। उनके पैर में गोली लगी। इसके बाद टीआइ बनवारी मंडलोई को सिर में चोट आई। टांके लगने के बाद भी वह ड्यूटी पर तैनात है। एसडीओपी रोहित अलावा चार दिनों से जूते तक नहीं उतार पाए हैं। पैर में छाले हो गए हैं। साइबर सेल के सब पथराव वाले दिन उपद्रवियों ने इस्पेटर सुदर्शन डिहाइडेशन का शिकार हुए। एसपी के स्टेनो महेश इस्के को नींद पूरी नहीं होने से चक्कर आने लगे हैं, ड्यूटी के दौरान वह गश खाकर गिरे। इसके बाद ड्यूटी से पीछे नहीं हटे हैं। महिला आरक्षक अंजली रघुवंशी रविवार को हुए उपद्रव के बाद दंगाइयों को खदेडऩे के लिए छोड़े गए आसू गैस गोले के संपर्क में आई रिएक्शन ऐसा हुआ कि भाटवाड़ी में ही ड्यूटी के दौरान बेहोश हो गई। कुछ देर बाद फिर मोर्चा संभाला।

जहां ड्यूटी वहां भोजन

दंगे के बाद फैली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया है। अभी शहर छावनी में तब्दील है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की ड्यूटी लगाई है। वहीं पर उन्हें भोजन दिया जा रहा है। कई जवान तो सेव परमल खाकर भी ड्यूटी पर डटे हैं। उल्लेखनीय है कि शहर में करीब 500 से ज्यादा जवान इस समय तैनात है।

ड्यूटी के दौरान हीट स्ट्रोक व झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए बिस्टान तिराहा सब्जी मंडी के सामने ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान नारियल पानी का सहारा लेते नजर आए। आरक्षकों ने बताया 43 डिग्री तापमान के बीच जवाबदारी निभाना जरूरी है। लिहाजा स्वास्थ्य को लेकर भी सजग भी रहना है। उल्लेखनीय है कि जिन जवानों की जहां ड्यूटी हैं उन्हें वहीं पर भोजन पैकेट भी पहुंचाए जा रहे हैं।

Published on:
17 Apr 2022 03:57 pm
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