Handpump removed: खरगोन की एक ग्राम पंचायत में वोट नहीं देने की कीमत ग्रामीणों को पीने के पानी से चुकानी पड़ी। आपसी रंजिश में हैंडपंप हटाया गया, लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
mp news: महाराष्ट्र सीमा से लगी खरगोन जिले की आदिवासी बाहुल्य की ग्राम पंचायत बुंदा के ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान है। रहवासियों ने आरोप लगाया के पेयजल के लिए लगाया हैंडपंप हटा (Handpump removed) लिया गया है। वे दूसरे फालिया से पानी लाने को मजबूर है।
स्थानियों ने बताया कि यह हैंडपंप आपसी द्वेष भावना को लेकर बंद करवाया गया है। ग्राम के कैलाश रामसिंह अलावे ने पंचायत चुनाव लड़ा था। वो हार गए। उनको लगा कि इस फालिया वालों ने वोट नहीं दिया है। उसी बात को लेकर उन्होंने हैंडपंप बंद कर दिया। ग्रामीण दूसरे फालिया से पानी लाने को मजबूर है। उसके कुएं से भी पानी भरने व पीने नहीं देता है।
कमल अलावे, जवानसिंह ने बताया कि यह हैंडपंप रोड पर लगा है। ग्राम रुंदा, साकड और सुलाबेडी के लोगों का इसी मार्ग से आना जाना है। आते जाते वक्त ग्रामीण एवं राहगीर इस हैंडपंप से पानी पीते हैं। बंद होने से इस भीषण गर्मी में ग्रामीण एवं राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने इस हैंडपंप को चालू करने की मांग की है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ जेके गुप्ता ने कहा कि जल्द ही हैंडपंप को सुधारा जाएगा।