खरगोन

पानी पीते ही एक के बाद एक 350 लोग बीमार, टीमें दौड़ीं, घबराए कलेक्टर ने लिया एक्शन

MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले का मामला, झिरन्या विकासखंड के मिटावल गांव में पेट दर्द और उल्टी से 350 मामले आए सामने, सूचना मिलते ही कलेक्टर ने जारी किए आदेश, अलग-अलग विभागों की टीम ने किया दौरा, इतनी बड़ी संख्या में अचानक लोगों के बीमार होने से गांव में मचा हड़कंप, नप गए जिम्मेदार
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May 13, 2025
MP News Khargone incident
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MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड के मिटावल गांव में पेट दर्द और उल्टी के 350 मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर के आदेश पर अलग-अलग विभागों की टीम ने दौड़ लगा दी और गांव के दौरे पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में मामला प्रदूषित पानी का माना जा रहा है। वहीं इस मामले पर जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन भी शुरू भी शुरू कर दिया है।

अचानक बीमार पड़ने से लोग परेशान

गांव में अचानक इतनी ज्यादा संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीण परेशान हो गए। गांव वालों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। कलेक्टर ने तुरंत अलग-अलग विभागों की टीम को गांव भेजा। टीम ने गांव में जाकर स्थिति का जायजा लिया। मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

अधिकारियों ने किया गांव का दौरा

खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एमएस सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने मिटावल गांव का दौरा किया। इस टीम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह और एसडीएम आकांक्षा करोठिया भी शामिल थे।

एक के बाद एक 350 लोग हुए बीमार

जिला पंचायत खरगोन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह ने बताया कि गांव में लगभग 350 लोग उल्टी और पेट दर्द से पीड़ित मिले हैं। उनका कहना है कि मिटावल गांव की आबादी लगभग 3000 है। यहां जल जीवन मिशन योजना के तहत बोरिंग और एक पुराने कुएं से पानी निकालकर टैंक में भरा जाता है। फिर इस पानी को पाइपलाइन के जरिए गांव में सप्लाई किया जाता है। आकाश सिंह ने बताया कि तीन टीमों ने 125 घरों के 600 लोगों की जांच की। बीमार लोगों को दवाइयां दी गईं। सभी प्रभावित लोग अब खतरे से बाहर हैं।

बुधवार को भी गांव का दौरा करेगी टीम

पानी और स्टूल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कलेक्टर के आदेश पर गांव में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। कुओं की सफाई और पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी जारी है। टीम बुधवार को एक बार फिर गांव का दौरा करेगी।

जिम्मेदारों पर गिरी गाज


आकाश सिंह ने बताया कि इस मामले में पीएचई के सब इंजीनियर, गांव के सरपंच और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


Updated on:
13 May 2025 03:09 pm
Published on:
13 May 2025 03:09 pm