MP News: प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने के बदले में आवेदक से 15 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था उप राजस्व अधिकारी।
MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के खरगोन जिले का है जहां शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भीकनगांव नगर पालिका में पदस्थ उप राजस्व अधिकारी (Deputy Revenue Officer) को लोकायुक्त इंदौर (Lokayukta Indore) की टीम ने 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
भीकनगांव के वार्ड नंबर 6 में रहने वाले सिराज पठान ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक सिराज ने बताया था कि वो प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) का लाभार्थी है और योजना के अंतर्गत दूसरी किस्त जारी करने के एवज में भीकनगांव नगर पालिका में पदस्थ उप राजस्व अधिकारी मयंक जैन उससे 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इतना ही नहीं रिश्वतखोर उप राजस्व अधिकारी ने ये भी कहा है कि जब तक रिश्वत नहीं दोगे पीएम आवास योजना की दूसरी किस्त अटकी रहेगी।
लोकायुक्त की टीम ने आवेदक सिराज पठान की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को रिश्वत के 15 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर उप राजस्व अधिकारी मयंक जैन के पास भेजा। रिश्वतखोर मयंक जैन ने रिश्वत देने के लिए आवेदक को नगर पालिका परिसर में एक पेड़ के नीचे बुलाया और वहां पर जैसे ही रिश्वत के पैसे आवेदक से लिए तभी सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धरदबोचा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई है।
एक दिन पहले ही गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को रतलाम में भी उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैलाना तहसील के पटवारी कैलाश वडखिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। रिश्वतखोर पटवारी कैलाश वडखिया अडवानिया गांव के रहने वाले जीतेन्द्र पाटीदार से 5 एकड़ जमीन का सीमांकन करने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था और सौदा 23 हजार रुपये में तय हुआ था। रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर पटवारी आवेदक से 3 हजार रुपये पहले ही ले चुका था और उसके बाद आवेदक ने लोकायुक्त उज्जैन में शिकायत की थी और जाल बिछाकर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोर पटवारी कैलाश वडखिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था।