पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के गृह जिले में घटना के दूसरे दिन आक्रोश फूटा। सुबह 11 बजे से शुरू हुए श्रृंखलाबद्ध आंदोलन में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संजय पाठक के पुतले फूंके। इतना ही आक्रोशित कांग्रेसियों ने सीएम के दो पुतलों को फांसी लगाई और जूते चप्पलों से पिटाई भी की। मौके पर मौजूद पुलिस ने हर संभव प्रयास किए कि पुतले छीन लें लेकिन पुलिसकर्मियों की एक न चली। अंतत: पुलिस को फायर फायटर से पुतलों की आग बुझाना पड़ी। पानी की इसी तेज धार से पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर भी किया। करीब दो घंटे तक चले आंदोलन से शहर जाम से जूझता रहा। कांग्रेस के आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने भी भारी तैयारियां की थी। यह सारी तैयारियां उस समय धरी रह गई और कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, मंत्री संजय पाठक के पुतले फूंक डाले। जलते पुतलों को बुझाने के लिए पुलिसकर्मी इधर से उधर दौड़ते रहे व कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस वालों को छकाते रहे। पुलिस व कांग्रेसियों के बीच दो घंटे चली इस रस्साकशी में पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अधिक संख्या पुलिसकर्मियों व अधिकारियों की थी।
भोपाल में हुए लाठीचार्ज व इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के घायल होने की खबर जैसे ही फैली, कांग्रेस में आक्रोश पसर गया। इसको लेकर सोमवार रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गायत्री मंदिर तिराहे पर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मंगलवार सुबह श्रीकृष्ण तिराहे पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व पाठक का पुतला जलाने की घोषणा कर दी। कांग्रेस की घोषणा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
मंगलवार सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता गायत्री मंदिर तिराहे पर एकत्र होने लगे थे। यहां पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष झूमा सोलंकी, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव परसराम डंडीर सहित अन्य नेता मौजूद थे। यहां लगभग एक घंटा कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता आपस में आंदोलन को लेकर मंथन करते रहे। इस दौरान यहां भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
एक घंटा आपसी विचार-विमर्श के बाद कार्यकर्ताओं की संख्या सम्मानजनक होने के बाद सभी रैली के रूप में निकले। इस दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। गायत्री मंदिर तिराहे से रैली के रूप में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता श्रीकृष्ण तिराहे पर आए। यहां भी जमकर नारेबाजी चलती रही। इस दौरान पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को घेरे में ले लिया। यह देखकर सभी बीच तिराहे पर बैठ गए व तालियां बजाते हुए नारेबाजी करते रहे।
पहला पुतला: तहसील के सामने, प्रधानमंत्री का पुतला
दूसरा पुतला: श्रीकृष्ण तिराहे पर संजय पाठक का
तीसरा पुतला: गायत्री तिराहे पर सीएम के पुतल को फांसी
चौथा पुतला: गायत्री तिराहे पर सीएम के दूसरे पुतले को फांसी
कांग्रेस द्वारा किए गए आंदोलन में पहली बार कांग्रेस ने सफलता का स्वाद चखा। इसके पूर्व कांग्रेस ने जब भी आंदोलन किए या पुतला जलाने की योजना बनाई तो इसको पुलिस ने असफल कर दिया। तीन वर्ष में यह पहली बार हुआ जब कांग्रेस कार्यकर्ता अपने मन की करने में सफल रहे। एक के बाद एक पुतले जलने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित अन्य नेता आंदोलन की सफलता पर खुशी से झूम उठे। खुश होने का सबसे बड़ा कारण भी यही था कि प्रशासन की सारी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए कांग्रेस पुतले फूंकने में सफल हो गई थी।
... जवान को ही पीट दिया पुलिस ने
आंदोलन के दौरान उस समय हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पुलिसकर्मियों ने सीआईडी के एक जवान पर ही हाथ छोड़ दिए। गायत्री मंदिर तिराहे पर पुतला फूंकने के दौरान पुलिसकर्मी लाठियां लेकर दौड़े। इनको देखकर कार्यकर्ता तो तितर-बितर हो गए, लेकिन सिविल ड्रेस में मौजूद सीआईडी का जवान इनके घेरे में आ गया। पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग किया तो जवान चिल्लाने लगा कि अरे मैं तो थाने से हूं... इसके बाद पुलिस कर्मियों ने लाठियां रोकी। हालांकि इस आपाधापी में सीआईडी के जवान को तीन-चार लाठियों का स्वाद चखना ही पड़ा।