खरगोन. परीक्षा के लिए एक घंटा पहले सुबह 11 बजे से ही परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे। प्रवेश से पहले उन्हें कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। जो परीक्षार्थी जूते-मोजे पहनकर आया उन्हें बाहर उतरवाया। यह परीक्षा सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पदों के लिए अनिवार्य है। कई परीक्षार्थी ऐसे भी थे जिनके छोटे बच्चे थे। […]
खरगोन. परीक्षा के लिए एक घंटा पहले सुबह 11 बजे से ही परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे। प्रवेश से पहले उन्हें कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। जो परीक्षार्थी जूते-मोजे पहनकर आया उन्हें बाहर उतरवाया। यह परीक्षा सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पदों के लिए अनिवार्य है। कई परीक्षार्थी ऐसे भी थे जिनके छोटे बच्चे थे। उन्हें साथ आए परिजन ने तीन घंटे केंद्र के बाहर संभाला।
यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में कराई गई। प्रत्येक केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। पुलिसकर्मी तैनात किए गए। केंद्रों के मुख्य द्वार पर सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया । प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र की जांच के साथ तलाशी ली, ताकि कोई भी अनुचित सामग्री केंद्र के भीतर न ले जाई जा सके। परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर नियुक्त अधिकारियों ने समय.समय पर केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्र व्यवस्थापकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
परीक्षा देकर कक्ष से बाहर आए परीक्षार्थी गिरीश सोलंकी, मोतीलाल चौहान ने बताया हिंदी, अंग्रेजी, वाणिज्य, विज्ञान, इतिहास सहित कम्प्यूटर संचालन से जुड़े 31 विषयों से जुड़े 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए थे। प्रश्न पत्र बहुत टफ रहा, लेकिन अपने स्तर पर बेहतर करने का प्रयास किया है।
डेढ़ वर्षीय बच्ची देवांशी को संभाल रहे पिता सुनील बैनल ने बताया पनी दर्शना परीक्षा दे रही हंै। खंडवा के धर्मेंद्र गेलदे ने बताया वह पत्नी दीपिका के साथ खंडवा में स्कूल का संचालन करते है। ढाई वर्षीय बच्ची परिवार में और किसी के पास नही रहती, इसलिए उसे साथ लेकर आए हैं। केंद्र में अनुमति नहीं होने से बच्ची को संभाल रहा हूं। ऐसे ही कई और भी परीक्षार्थी थे जो अपने परिचितों, रिश्तेदारों को बच्चें सौंपकर परीक्षा देने गए। कोई पेड़ की छांव में बैठा था, कोई गेट के पास खड़ा होकर घड़ी देख रहा था।
प्रेक्षक सेवानिवृत्त आईएएस कृष्ण मोहन गौतम, डिप्टी कलेक्टर लोकेश छापरे ने सभी 16 केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा में 5520 परीक्षार्थियों का पंजीयन था। इसमें 4560 उपस्थित रहे, 960 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। उपस्थित अभ्यर्थियों में 17 दिव्यांग परीक्षार्थी भी सम्मिलित हुए। किसी भी केंद्र पर अनुचित साधनों या नकल घटना नहीं हुई। परीक्षा बाद केन्द्रों से गोपनीय सामग्री को विशेष प्रेक्षक की उपस्थिति में जिला कोषालय के हॉल में सुरक्षित रखी। यह सामग्री 3 मार्च को सुबह 5.30 बजे जिला कोषालय से प्राप्त कर आयोग कार्यालय में जमा की जाएगी।