खरगोन. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई। यह समस्या नालियों के पास से गुजरी मुख्य लाइन में लिकेज के कारण बताई जा रही है। इंदौर की इस घटना ने खरगोन शहर के लोगों में भी दहशत पैदा कर दी है। यहां भी घरों तक पहुंचे पानी के पाइप नालियों से होकर गुजर रहे हैं।
खरगोन. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 14 लोग असमय काल के गाल में समा गए। इस ह्रदयविदारक घटना का असर शहर के जनमानस पर भी है। करीब दो लाख आबादी वाले खरगोन शहर में 97.31 करोड़ की जलावर्धन योजना से पानी का सप्लाई किया जा रहा है, मगर लापरवाहियां यहां भी सिस्टम के निष्क्रिय रवैये का उजागर करती है। कई वार्डों में पानी के पाइप नालियों के बीच से निकाले गए हैं। कम प्रेशर व मटमैले पानी की सप्लाई को लेकर पहले भी रहवासी आक्रोश जता चुके हैं। हालांकि इंदौर की घटना के बाद जिम्मेदार अलर्ट मोड पर जरूर है। इंटेकवेल से लेकर पानी की टंकियों तक लगातार पड़ताल की जा रही है।
शुक्रवार को जल शाखा व जलार्वधन योजना का काम करने वाली जेएमसी कंपनी के कर्मचारियों ने उन इलाकों का जायजा लिया जहां नालियों से होकर लाइन गुजर रही है। नपा के जल शाखा प्रंभारी संजय सोलंकी ने बताया शहर में बने वॉटर टेंकों सहित इंटेकवेल, वाटर वक्र्स का भी निरीक्षण किया है। पानी की जांच नियमित हो रही है। नदी से सीधे इंटेकवेल आ रहे रॉ पानी व बाद में फिल्टर वाले पानी को विभिन्न पैरामीटर पर जांच रहे हैं। जेएमसी कंपनी को जिम्मा दिया है कि टंकियों के आसपास सफाई बनाए रखे। इसमें किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।
शुक्रवार को टीम ने सराफा बाजार, छोटी मोहन टॉकीज में जाकर निरीक्षण किया। यहां नालियों से गुजरकर जा रही पाइप लाइन चिन्हित की। जल शाखा प्रभारी ने बताया जहां नालियों से पाइप जा रहे हैं, उन्हें कोडिंग कराएंगे। पाइप खराब है तो इसे बदलेंगे।
अफसरों का दावा है कि इंटेकवेल पर स्थापित लैब है पानी की नियमित जांच की जा रही है। तमाम की-मेन को निर्देश दिए हैं कि सप्लाई में किसी तरह की लापरवाही न करें। जहां लिकेज की समस्या है उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। पानी में तय मानक के अनुरूप ब्लिचिंग, एलम, क्लोरिन मिलाने के निर्देश दिए हैं।
तालाब चौक निवासी मुकेश ठक्कर, पटेल नगर के राजू यादव, वृंदावन कॉलोनी के संजय पाराशर ने बताया लाइन लिकेज से मटमैले पानी की सप्लाई की समस्याएं पूर्व में आ चुकी हैं। अब भी कई स्थानों पर लिकेज बाद संबंधित कंपनी दुरुस्तीकरण में लेटलतिफी करती है। इंदौर जैसी घटना यहां न हो इसके लिए विभाग को चाहिए कि वह अलर्ट रहे। यह मामला सीधे-सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
-304 किमी वितरण लाइन
-96.31 करोड़ का प्रोजेक्ट
-29000 के आसपास नल कनेक्शन
-45 मिनट रोजाना वितरण
शहर में पानी सप्लाई लाइन का निरीक्षण जारी है। जहां नालियों से पाइप गुजरे हैं वह स्थान चिन्हित कर रहे हैं। इन्हें सुरक्षित करेंगे। -संजय सोलंकी, जल शाखा, प्रभारी, नपा खरगोन