
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. सांसद भागीरथ चौधरी ने अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को तीव्र गति देने की संसद में मांग उठाई। सांसद चौधरी ने अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की धीमी गति को लेकर चिन्ता जताई और इसे शीघ्र पूर्ण करने की मांग रखते हुए सदन को लिखित में बताया कि केन्द्र सरकार ने देश के 100 नगरों को स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू किया। इसमें राजस्थान से जयपुर, उदयपुर, कोटा एवं अजमेर का चयन किया गया। सांसद ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने भारत के जिन 3 नगरों को स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया उसमें अजमेर शहर भी शामिल है। प्रोजेक्ट के तहत प्रमुखतया सीवरेज, पेयजल आपूर्ति, ड्रेनेज, पार्कों का विकास, सौर ऊर्जा के कार्य, एलईडी लाइट्स, स्मार्ट ट्रेफिक प्रबंधन, ऐलीवेटेड रोड, आनासागर झील का विकास एवं सौंदर्यीकरण, सुभाष उद्यान का पुनरोद्धार, धरोहर संरक्षण एवं पर्यटन विकास, सूचना प्रोद्योगिकी आधारित कार्य, साइकिल शेयरिंग एवं ओपन एयर जिम, स्मार्ट क्लासेज एवं आनासागर स्केप चैनल में सुधार इत्यादि कार्य शामिल है। उक्त प्रस्तावित कार्यों हेतु लगभग 1948 करोड़ रूपये का बजट भी स्वीकृत हो गया है, तत्पश्चात् इसके लिए खुली अन्तर्राष्ट्रीय निविदा के माध्यम से प्रोजेक्ट मेनेजमेन्ट कन्सल्टेन्सी का कार्य स्पेन की एक फर्म को दिनांक 15.02.2017 को आवंटित किया गया, लेकिन निविदा की शर्तों के अनुसार कार्य करने में विफल रहने पर उक्त फर्म को कार्यादेश को राज्य सरकार ने अपने स्तर पर निर्णय लेकर दिनांक 09.06.2017 को निरस्त कर दिया। तब से लेकर अभी तक बिना कन्सल्टेन्सी कम्पनी के उक्त प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना सम्भव नहीं लग रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासनिक उदासीनता के चलते उक्त 89 कार्यों में से अभी तक 6 प्रोजेक्ट ही पूरे हुए हैं, तो 24 कार्य गत 2-3 वर्षों से आज भी अण्डर प्रासेस ही चल रहे हैं। वर्तमान में उक्त योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का दायित्व जिला कलक्टर, अजमेर एवं उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्य कमिश्नर नगर निगम के पास है। दोनों ही अधिकारी अपने विभागीय कार्यो में अत्यधिक व्यस्तता के चलते इस स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। अत: केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत मेरे संसदीय क्षेत्र के अजमेर शहर में उक्त योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु एक पृथक से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की नियुक्ति कराने श्रम करावें ताकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को समुचित गति मिल सके और प्रोजेक्ट शीघ्र एवं समय पूर्ण हो सके।