किशनगढ़

kishangarh_त्याग, बलिदान और रहमतों का महीना है रमजान

शहर काजी मोहम्मद जहूर नेे दिया सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर
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kishangarh_त्याग, बलिदान और रहमतों का महीना है रमजान
kishangarh_त्याग, बलिदान और रहमतों का महीना है रमजान

मदनगंज-किशनगढ़.
शहर काजी मोहम्मद जहूर ने बताया कि शनिवार 25 अप्रैल से रमजान मुबारक का पाक महीना शुरू हो चुका है। शनिवार को पहला रोजा भी रखा गया। रमजान का मुबारक महीना रहमतों, फजीलतों और बरकतों से भरा हुआ रहता है। इस माह में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह शुक्रवार रात से रमजान का चांद दिखाई देने के साथ ही पढऩा शुरू हो गई जो ईद का चांद दिखाई देने तक जारी रहेगी। शहर काजी जहूर ने कहा कि यह मुबारक महीना त्याग और बलिदान का महीना होता है। रमजान में रखा जाने वाला रोजा संपूर्ण शरीर के हर एक अंग का होता है। मुंह से हम किसी को गलत ना बोले व झूठ नहीं बोले। आंख से हम किसी को बुरी नजर से ना देखें। कान से हम कोई गलत बात ना सुने। हाथ से हम कोई चोरी या काम नहीं करें। अपने पैरों से हम किसी गलत या गंदी जगह ना जाए। इस पवित्र महीने में ज्यादा से ज्यादा जकात व फितरा करते हुए गरीब, बेसहारा व असहाय लोगों की मदद करें व झूठे दिखावे से बचें। अपने बंदों द्वारा किए हुए इस तरह के नेक काम ही इस मुबारक महीने में अल्लाह को बहुत पसंद आते हैं व ऐसे नेक कामों का सवाब इस मुबारक महीने में 70 गुना ज्यादा मिलता है। इसके अलावा शहर काजी मोहम्मद जहूर ने कोरोना वायरस महामारी के फैलते संक्रमण के मद्देनजर आम लोगों से एक बार फिर से अपील करते हुए रमजान के मुबारक महीने में की जाने वाली सभी तरह की इबादत घर पर ही रह कर व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए करने का आह्वान किया।

Published on:
27 Apr 2020 01:05 pm