किशनगढ़

Fatag टोल पर लगी है लम्बी लाइन, रेंग रहा है ट्रैफिक

65 प्रतिशत वाहन बिना फास्टटैग वाले  

2 min read
Nov 29, 2019
Fastag: टोल पर लगी है लम्बी लाइन, रेंग रहा है ट्रैफिक

मदनगंज-किशनगढ़.
Fastag फास्टटैग अब टोल नाकों पर ट्रैफिक के लिए चुनौती बनता जा रहा रहा है। नकद भुगतान लेन कम होने से टोल नाकों से गुजरने वाले ट्रैफिक की गति धीमी हो गई है। नाकों पर नकद टोल भुगतान के लिए एक ही काउन्टर है जबकि नकद भुगतान करने वाले वाहनों की संख्या काफी अधिक है। सबसे ज्यादा चुनौती पूर्ण कार्य दो दिन में 65 प्रतिशत वाहनों का फास्टटैग से लैस होना है।
राजमार्गों पर 1 दिसम्बर से टोल का भुगतान फास्टैग से किया जाना है। इसके लिए नवम्बर माह की शुरूआत से टोल नाकों पर लाउट स्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन लगातार जागरूक किए जाने के बाद भी फास्टटैग लगे वाहनों की संख्या में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी नहीं हुई है। माह की शुरूआत में करीब 22 प्रतिशत था। यह अब तक करीब 35 प्रतिशत तक ही पहुंचा है। जबकि टोल नाकों पर नकद भुगतान के लिए लेन लगातार कम होती जा रही है। जीवीके टोल नाके पर जयपुर की ओर आने और जाने वा ले वाहनों के लिए एक-एक लेन ही नकद की रखी गई है। वहीं गेगल टोल नाके पर भी नकद की लेन लगातार कम हो रही है। इसके चलते टोल से निकलने में वाहनों को काफी समय लग रहा है। हालांकि फास्टटैग लगे वाहन सरपट निकल रहे है। लेकिन इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है।


-फास्टटैग का 30 सैकेन्ड, नकद 1 मिनिट
फास्टटैग लगे वाहनों को टोल पर कम समय लग रहा है। रीडर की रेन्ज में आने पर करीब 20 से 30 सैकेण्ड गाड़ी निकल जाती है। कई बार फास्टटैग रीड नहीं होने पर ज्यादा समय लग जाता है। टोलकर्मियों के पास भी हैण्ड स्कैनर दिए गए है। टोल पर लगे स्कैनर में स्कैन नहीं होने पर टोलकर्मी हैण्ड स्कैनर से टैग को रीड करके वाहनों को क्लीयर कर रहे है। उधर नकद भुगतान में एक मिनिट या ज्यादा तक का समय लग रहा है।

टैक्सी, भार वाहन में ज्यादा निजी में कम
टोल से गुजरने वाले फास्टटैग वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या ट्रांसपोर्ट वाहनों की है। वहीं टैक्सी वाहनों में भी अधिकतर पर फास्टटैग लगे गए है। फास्टटैग वाले वाहनों में सबसे कम संख्या निजी वाहनों की है।


Kishangarh- सड़क हादसे बढ़े तो घटेंगे पुलिस के नंबर


-प्रशासन से मांगा सहयोग
फास्टटैग व्यवस्था में सहयोग के लिए एनएचएआई ने अब जिला प्रशासन को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। एनएचएआई की ओर से जिला कलक्टर को पत्र लिखा है।

Published on:
29 Nov 2019 03:31 pm
Also Read
View All