
Jantar Mantar at Kochi: केरल के कोच्चि में 7 नवंबर को CJP की ओर से प्रस्तावित ‘Jantar Mantar at Kochi’ प्रदर्शन को लेकर BJP ने विरोध जताया है। BJP प्रवक्ता KVS हरिदास ने कहा कि CJP नेताओं के खिलाफ लगाए गए विदेशी फंडिंग के आरोपों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए और केरल पुलिस व राज्य सरकार को ऐसे प्रदर्शन की अनुमति देने से पहले मामले की जांच करनी चाहिए।
हरिदास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने CJP नेताओं की कथित फंडिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका स्थित दाताओं से और अशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेताओं से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिली। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से दस्तावेजी सबूत सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
KVS हरिदास ने कहा कि यह गंभीरता से देखा जाना चाहिए कि क्या केरल सरकार ऐसे लोगों को समर्थन दे और क्या केरल पुलिस उन्हें राज्य में कथित तौर पर अराजकता पैदा करने की अनुमति दे। उन्होंने केरल पुलिस और राज्य सरकार से अपील की कि अभिजीत दीपके को केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने मामले को UAPA के तहत देखने की मांग भी की। हालांकि, यह BJP प्रवक्ता की मांग है और उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं है कि दीपके के खिलाफ UAPA के तहत कोई नया मामला दर्ज किया गया है।
CJP ने 7 नवंबर को कोच्चि के राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे SIR के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी ने इसे ‘Jantar Mantar at Kochi’ नाम दिया है। प्रदर्शन में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के अलावा विजय मल्लांगी और आफरीन नवाज के शामिल होने की बात कही गई है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के खिलाफ CJP के अभियान का हिस्सा है। पार्टी इससे पहले दिल्ली में भी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के विदेशी फंडिंग के आरोपों के बाद CJP नेताओं ने इन दावों को खारिज किया है और आरोपों के समर्थन में सबूत सार्वजनिक करने की मांग की है। CJP नेता अशुतोष रांका ने भी सवाल उठाया था कि अगर सरकार को संगठन के विदेशी संपर्कों की जानकारी थी, तो उसके प्रतिनिधियों के साथ पहले बातचीत क्यों की गई। फिलहाल कोच्चि में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर BJP और CJP के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। विदेशी फंडिंग और UAPA से जुड़े आरोपों पर आगे की स्थिति संबंधित जांच और सरकारी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।