
कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी हैं। शीर्ष अदालत ने अभिषेक की याचिका ख़ारिज करते हुए उन्हें किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया हैं।
दरअसल टीएमसी सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका के माध्यम से कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायाधीश अमृता सिन्हा की एकल पीठ द्वारा की जा रही टिप्पणियों के मीडिया प्रसारण पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी, साथ ही एकल पीठ से जुड़े इस मामले को अन्य पीठ में स्थानांतरित करने की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका ख़ारिज करते हुए उन्हें हाईकोर्ट की खंड पीठ के समक्ष याचिका दायर करने की सलाह दी। बता दें कि यह मामला पश्चिम बंगाल में सैकड़ों करोड़ रुपए के शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ा हुआ है।
परिजनों से संपत्ति का ब्यौरा मांगने पर भड़के अभिषेक
गौरतलब हैं कि शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई के दौरान 12 दिसंबर 2023 को जस्टिस अमृता सिन्हा ने अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा की संपत्ति को लेकर भी सवाल किया था। जस्टिस सिन्हा ने ईडी से सवाल किया था कि बनर्जी और उनकी पत्नी के आय के स्रोत की जाँच की गई है या नहीं? जस्टिस सिन्हा ने कहा था कि दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी अधिकतर बड़ी संपत्तियाँ 2014 के बाद की हैं। इतने कम समय में इतनी बड़ी संपत्ति!
जस्टिस अमृता सिन्हा ने अभिषेक बनर्जी, उनकी माँ लता बनर्जी, पत्नी रुजिरा और लीप्स एंड बाउंड्स के बाकि निदेशकों को संपत्ति के दस्तावेज जमा करने की अनुमति दी थी। बनर्जी ने उस आदेश को चुनौती दी और न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ के पास गए। डिवीजन बेंच ने जस्टिस अमृता सिन्हा के आदेश के अधिकांश हिस्से को बरकरार रखा। इसके बाद बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया था।
बीजेपी ने साधा निशाना
इसको लेकर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अभिषेक बनर्जी पर कटाक्ष किया है। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी चाहते थे कि मीडिया पर लगाम लगाई जाए, ताकि वे भर्ती घोटाले में कलकत्ता हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रिपोर्ट न कर सकें। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। आप चोरी करते हैं लेकिन नहीं चाहते कि दुनिया को पता चले?