17 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

TMC Crisis: ‘ED के डर से मैं भाजपा में नहीं गया, मुझे भगाया गया’, टीएमसी छोड़ने पर मदन मित्रा ने ममता और अभिषेक बनर्जी को घेरा

Mamata Banerjee: टीएमसी छोड़ने के बाद मदन मित्रा ने कहा कि उन्होंने ED के डर से नहीं, बल्कि पार्टी की कार्यशैली से परेशान होकर इस्तीफा दिया। उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है।
2 min read
Google source verification
TMC Crisis

ममता बनर्जी, मदन मित्रा

TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी खींचतान के बीच पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने पार्टी छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डर से पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि पार्टी की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर अलग हुए। टीएमसी छोड़कर बागी गुट में शामिल होने के पीछे ईडी के दबाव की अटकलों को मदन मित्रा ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईडी ने उन्हें कभी न फोन किया और न ही किसी तरह की धमकी दी। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

मदन मित्रा ने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि भाजपा को हराने के लिए टीएमसी को अपनी मौजूदा कार्यशैली से कहीं अधिक मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह एक मजबूत और नई तृणमूल का समर्थन करना चाहते थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें साथ रखने के बजाय दूर कर दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे भगा दिया गया, इसलिए मैं भी चला गया।

ममता और अभिषेक की कार्यशैली पर उठाए सवाल

मदन मित्रा के बयान को टीएमसी नेतृत्व, खासकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सीधा हमला माना जा रहा है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर जिस तरीके से फैसले लिए जा रहे थे, उससे वह सहमत नहीं थे और यही उनकी नाराजगी की बड़ी वजह बनी।

शुभेन्दु अधिकारी की भी की तारीफ

मदन मित्रा ने सीएम शुभेन्दु अधिकारी की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शुभेन्दु अधिकारी की उम्र, ऊर्जा और राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए देशभर में उनके मुकाबले का नेता ढूंढना आसान नहीं है।

ऋतब्रत बनर्जी का दावा- TMC छोड़ सकते हैं और नेता

एक दिन पहले ही टीएमसी बागी गुट के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि कई सांसदों और विधायकों के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ रहा है। साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी और नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़ सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी में अब संवाद की जगह एकतरफा फैसलों का दौर चल रहा है। ऋतब्रत बनर्जी ने आगे जोड़ा कि पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र कमजोर हो गया है और कई नेता मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। ऋतब्रत ने कहा कि पहले भी कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं और आने वाले समय में कुछ अन्य नेता भी बागी गुट का रुख कर सकते हैं।