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क्या है EPFO की नई ‘VISHWAS 2026’ स्कीम? जानिए किस एम्प्लॉयर्स को मिलेगा फायदा और कैसे करें आवेदन?

EPFO VISHWAS 2026: EPFO ने ‘विश्वास 2026’ स्कीम शुरू की है। जिससे पेनल्टी और डैमेज से जुड़े पुराने विवाद आसान और डिजिटल प्रक्रिया से सुलझाए जाएंगे। जानें किसे मिलेगा फायदा? आवेदन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें भी समझें।
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 17, 2026

VISHWAS 2026

क्या है ‘विश्वास 2026’ स्कीम? EPFO की नई अपडेट (सोर्स: ANI)

EPFO VISHWAS 2026 Latest Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से बड़ी अपडेट सामने आई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, EPFO ने उन एम्प्लॉयर्स के लिए बड़ी राहत दी है, जिनके पेनल्टी या डैमेज से जुड़े मामले लंबे समय से अटके हुए हैं। ईपीएफओ ने ‘VISHWAS 2026’ नाम से एक विशेष सेटलमेंट स्कीम शुरू की है। इसका मकसद पुराने विवादों को कोर्ट-कचहरी के बजाय आसान और पारदर्शी तरीके से सुलझाना है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और तय समय में आवेदन का निपटारा किया जाएगा।

क्या है ‘विश्वास 2026’ स्कीम?

‘विश्वास 2026’ (VISHWAS 2026) एक वन-टाइम डिस्प्यूट सेटलमेंट स्कीम है। इसे EPFO ने पेनल्टी और डैमेज से जुड़े पुराने मामलों को खत्म करने के लिए शुरू किया है। यह स्कीम कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के सेक्शन 14B और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के सेक्शन 128 से जुड़े मामलों पर लागू होगी।

इसका मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को बढ़ावा देना है। साथ ही, कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या कम करना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना भी इसका लक्ष्य है। यह स्कीम 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है और छह महीने तक प्रभावी रहेगी।

किन मामलों को मिलेगा फायदा और कितनी मिलेगी राहत?

इस स्कीम के तहत चार तरह के मामलों को शामिल किया गया है।

  1. जिन मामलों में पेनल्टी या डैमेज का आदेश कोर्ट या किसी न्यायिक मंच पर चुनौती के तहत है।
  2. जिन मामलों में अंतिम आदेश जारी हो चुका है, लेकिन रिकवरी पूरी नहीं हुई है।
  3. जिन मामलों में नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन अंतिम आदेश अभी नहीं आया है।
  4. जिन मामलों में अभी नोटिस भी जारी नहीं हुआ है।

सबसे बड़ी राहत यह है कि 14 जून 2024 से पहले के समय के डिफॉल्ट के लिए हर्जाने या पेनल्टी को काफी कम रेट पर फिर से कैलकुलेट किया जाएगा।

नई दरें इस प्रकार हैं…

दो महीने तक के डिफॉल्ट पर 0.25% प्रति माह
दो से चार महीने तक के डिफॉल्ट पर 0.50% प्रति माह
चार महीने से अधिक के डिफॉल्ट पर 1% प्रति माह

इससे कई एम्प्लॉयर्स की पेनल्टी का बोझ काफी कम हो सकता है। हालांकि, जिन मामलों में पूरी पेनल्टी पहले ही वसूल की जा चुकी है, या जहां धोखाधड़ी, रिकॉर्ड में जानबूझकर गड़बड़ी या कानूनी ब्याज का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा।

आवेदन कैसे करें और किन शर्तों का रखना होगा ध्यान?

‘विश्वास 2026’ के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। एम्प्लॉयर्स को EPFO के एम्प्लॉयर पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या ई-साइन का इस्तेमाल करना होगा। ये पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इसमें ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन, डिजिटल प्रोसेसिंग और तय समय में सेटलमेंट ऑर्डर जारी किया जाएगा। वहीं स्कीम का लाभ लेने से पहले एम्प्लॉयर को यह सुनिश्चित करना होगा कि EPF & MP Act, 1952 की धारा 7Q या Social Security Code, 2020 की धारा 127 के तहत देय पूरा ब्याज जमा कर दिया गया हो। साथ ही आवेदक को यह लिखित घोषणा भी देनी होगी कि स्कीम के तहत विवाद सुलझने के बाद वह उसी मामले में आगे कोई अपील नहीं करेगा।

EPFO ने इस स्कीम के प्रभावी संचालन के लिए सभी जोनल, रीजनल और जिला कार्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही फील्ड ऑफिसों में VISHWAS सेल भी बनाए जा रहे हैं, ताकि आवेदन तेजी से निपटाए जा सकें। पूरे अभियान की निगरानी हेड ऑफिस और जोनल स्तर पर नियमित रूप से की जाएगी।