
ऋतब्रत बनर्जी(फोटो-ANI)
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी संकट और गहराता दिख रहा है। पार्टी के पूर्व विधायक तपस चटर्जी और विश्वजीत दास ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं, तपस चटर्जी के पाला बदलने की खबर फैलते ही उनके घर के बाहर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
पूर्व टीएमसी विधायक तपस चटर्जी और विश्वजीत दास ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब लगातार टीएमसी के कई नेता और विधायक बागी गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि तपस चटर्जी और विश्वजीत दास के संभावित शामिल होने पर फैसला सामूहिक नेतृत्व करेगा। फिलहाल दोनों नेताओं के नए गुट में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा नहीं हुई है।
तपस चटर्जी के ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'असली तृणमूल' गुट में शामिल होने की खबर फैलते ही राजारहाट-न्यूटाउन में उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने अंडे लेकर उनके घर के बाहर विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने तपस चटर्जी और उनके एक करीबी तृणमूल नेता पर हत्या, भ्रष्टाचार और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए। स्थिति को देखते हुए नारायणपुर थाने की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
तपस चटर्जी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता। उनके अनुसार, पार्टी में सामूहिक चर्चा की गुंजाइश लगातार कम होती जा रही है। तपस चटर्जी वर्ष 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद(सीपीआई-एम छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए थे।
टीएमसी के भीतर पिछले कुछ दिनों से लगातार इस्तीफों का दौर जारी है। एक दिन पहले ही राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इससे पहले पार्टी के तीन अन्य राज्यसभा सांसद भी टीएमसी छोड़ चुके हैं।
Updated on:
17 Jul 2026 08:05 pm
Published on:
17 Jul 2026 08:01 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
