कोलकाता

शिक्षण संस्थानों में हो प्लेसमेंट की व्यवस्था : शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी

एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ बंगाल ने लगाया करियर फेयर -जल्द ही होगा प्लेसमेंट पोर्टल का लांच कोलकाता
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शिक्षण संस्थानों में हो प्लेसमेंट की व्यवस्था : शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी

राज्य के शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। अगर संस्थान प्लेसमेंट नहीं दे सके तो संस्थान बंद कर देना चाहिए। सिर्फ कॉलेज खोलने से ही जिम्मेदारी नहीं खत्म हो जाती। भूमंडलीकरण के समय में रोजगार प्राप्त करने के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा की आवश्यकता है। तभी हम आगे बढ़ सकते हैं। संस्थान की जिम्मेदारी है कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ ही प्लेसमेंट की उचित व्यवस्था करे। एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ बंगाल की ओर से नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित करियर फेयर में शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने यह बातें क हीं। इंजीनियरिंग व मेडिकल में भर्ती के लिए पश्चिम बंगाल के शिक्षण संस्थानों ने इस करियर फेयर में स्टॉल लगाए हैं। इस अवसर पर बिजली मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय, तकनीक शिक्षामंत्री ब्रात्य बसु, पश्चिम बंगाल ज्वाइंट बोर्ड के चेयरमैन मलयेंदू साहा, आईआईईएसटी के पूर्व निदेशक अजय राय सहित कई विशिष्टजन उपस्थित थे। यह करियर फेयर सात जून चलेगा। इसमें यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी, कैमेलिया एजुकेशन, डिवाइन शिक्षा हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जेआईएस, डॉ. बीसी राय इंजीनियरिंग कॉलेज दुर्गापुर समेत संस्थानों ने हिस्सा लिया है।

18 जून को खुलेगा सेंट्रल प्लेसमेंट कॉम

मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी बंगाल की ओर से 18 जून को सेंट्रल प्लेसमेंट कॉम खोला जाएगा। इस वेबसाइट के माध्यम से टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिलने में सुविधा होगी। आगामी 18 जून को इसका उद्घाटन होगा।


क्या है कैंपस प्लेसमेंट

कैंपस प्लेसमेंट का सीधा अर्थ समझा जाए, तो इसका मतलब यह होगा कि कोर्स के अंतिम साल में छात्रों को जॉब का ऑफर मिलना। यह संस्थान के प्रयास पर ही छात्रों को मिलता है। लेकिन पश्चिम बंगाल के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज इस मामले में उदासीन हैं। राज्य में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 134 है। हर साल भारी संख्या में छात्र इन कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। लेकिन कैंपस प्लेसमेंट के मामले में राज्य के निजी कॉलेज उदासीन हैं। यही कारण है कि राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को बुधवार को कहना पड़ा कि सिर्फ कॉलेज खोलने और छात्रों का दाखिला कर लेने भर से ही काम नहीं चलेगा। हर संस्थान को छात्रों के प्लेसमेंट के बारे में भी सोचना होगा। इसके लिए सभी संस्थानों को प्लेसमेंट की उचित व्यवस्था करनी होगी।
ऐसा देखा जा रहा है कि निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों का एक मात्र उद्देश्य छात्रों से दाखिले के नाम पर मोटी रकम वसूलना भर है। छात्रों का भविष्य क्या होगा? छात्रों को जॉब मिलेगा या नहीं? जॉब का अवसर कब और कहां से आएगा? इस पर निजी कॉलेजवाले कम ही सोचते हैं। हमेशा यह सुनने को मिलता है कि आईआईटी खडग़पुर या देश के अन्य आईआईटी संस्थानों के छात्रों को अच्छे पैकेज के जॉब मिल गए हैं, लेकिन किसी निजी कॉलेज के छात्र को भी ऐसा ऑफर मिला है, यह कम ही सुनने के मिला है।

मालूम हो कि हर साल देशभर के संस्थानों में बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा कैंपस प्लेसमेंट की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इनमें अमेजॉन, पेटीएम, ओला, उबेर, इंटेल, मास्टरकार्ड, सैमसंग, याहू, इसरो के अलावा कई कंपनियां प्रमुख हैं. अगर राज्य के निजी कॉलेज, संस्थान या यूनिवर्सिटीज भी इन कंपनियों की प्लेसमेंट में शामिल हो जाए तो छात्रों को करियर का पंख मिल जाएगा।

(कासं)
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कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिति से कोई समझौता नहीं : शिक्षामंत्री

-सेंट पॉल्स मामले में दोषियों को मिलेगी सजा

कोलकाता

कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिाति अनिवार्य है, इस नियम से कोई समझौता नहीं होगा। किसी अनिवार्य कारणों से अगर कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय न आ सके तो दूसरी बात है। शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार की अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी कॉलेज की ओर से उपस्थिति पर कोई ढिलाई नहीं चलेगी। जयपुरिया कॉलेज में प्रिंसिपल अशोक मुखोपाध्याय के घेराव की घटना पर मंगलवार को राज्य के शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने यह बातें कहीं। शिक्षामंत्री ने कहा कि विश्वविदयालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुसार कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। वहीं जयपुरिया कॉलेज मेें घेराव कर रहे छात्रों की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम है। छात्रों की मांग थी कि कम उपस्थिति के बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने दिया जाए।

सेंट पॉल्स मामले में दोषियों को मिलेगी सजा

सेंट पॉल्स मामले में शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। पुलिस अभी अगर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है तो वे अवश्य गिरफ्तार होंगे। कॉलेज में एक छात्र के साथ ऐसी गंदी हरकत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
(कासं)

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Published on:
05 Jun 2018 11:30 pm