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‘अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी न होते, तो आज मैं बांग्लादेश का हिस्सा होती’, अग्निमित्रा पॉल के बयान से सियासी हलचल तेज

BJP Leader Agnimitra Paul: पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी न होते, तो शायद मैं आज बांग्लादेश का हिस्सा होती।
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Agnimitra Paul

पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल (Photo - ANI)

Dr Syama Prasad Mookerjee Contribution West Bengal: पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी न होते, तो शायद मैं आज बांग्लादेश का हिस्सा होती। आजादी के बाद पिछले 50 सालों में, बंगाल में आई हर सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम इतिहास की किताबों के पन्नों से मिटाने और भुलाने की कोशिश की।

ममता बनर्जी पर साधा निशाना

पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आप सच को मिटा नहीं सकते। आज हमारे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में हम उन्हें याद कर रहे हैं। हम पूरी तरह से चाहते हैं कि स्कूल और कॉलेज की किताबों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन का पूरा और विस्तृत विवरण हो।

जनता ने टीएमसी को नकारा

पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उन्हें नकार दिया गया है। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वे किसे बाहर निकाल रहे हैं।

टीएमसी के लोगों ने किया अत्याचार और भ्रष्टाचार

उन्होंने आगे कहा कि पांच साल का समय बहुत कम है और पूरे करने के लिए बहुत सारे वादे हैं। हमारे पास किसी भी तरह की नकारात्मकता या नकारात्मक राजनीति के लिए समय नहीं है। उनकी पार्टी ने जिस तरह के अत्याचार और भ्रष्टाचार किए, उन्हें हम भूलेंगे नहीं। मुझे नहीं लगता कि उनके भविष्य के बारे में कोई टिप्पणी करने का अधिकार मुझे है।

'इतने सालों तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मना भी नहीं पाए'

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इतने सालों तक हम इसे मना भी नहीं पाए, अगली पीढ़ी को बताने की तो बात ही छोड़िए। हम इस दिन को आगे भी नहीं बढ़ा पाए। डर का माहौल था और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चेहरे पर स्याही फेंकने जैसी घटनाएं भी हुईं। हमारे नेता शुभेन्दु अधिकारी की वजह से, आज यह दिन मनाया और याद किया जा रहा है। बंगाल के हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि न सिर्फ़ बंगाल और भारत के बच्चे, बल्कि पूरी दुनिया को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल, कश्मीर, इंडस्ट्री और पूरे भारत के लिए दिया गया योगदान पता चले। हमें इस व्यक्ति का ऋणी होना चाहिए।

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