
BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (Photo: PM Modi/X)
BRICS NSA Meeting 2026: दुनिया भर में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। आतंकवाद, साइबर हमले, ऊर्जा संकट और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ब्रिक्स (BRICS) देशों ने सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान देगा।
नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक के समापन के बाद सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दो दिनों तक चली इस बैठक में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने दुनिया के सामने मौजूद विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखाकि उन्हें ब्रिक्स देशों के सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर खुशी हुई।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और साझा चुनौतियों का समाधान तलाशने में अहम भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से जुड़े खतरे आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने और दुनिया को अधिक सुरक्षित, समावेशी तथा स्थिर बनाने पर फोकस किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दो दिवसीय बैठक में सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने कई अहम सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।
गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के तहत ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन सुरक्षा, आतंकवादी नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीकें, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाली अस्थिरता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान ब्रिक्स के आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Groups on Counter-Terrorism) की गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इस कार्य समूह की बैठक इसी वर्ष 21 और 22 मई को आयोजित हुई थी।
इसके अलावा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के सुरक्षित उपयोग से जुड़े ब्रिक्स कार्य समूह की हालिया बैठक के नतीजों पर भी चर्चा की गई।
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सदस्य देशों ने ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत बनाने का समर्थन किया। इसमें सदस्य देशों की क्षमता बढ़ाने, सूचना साझा करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
सभी प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी कि आतंकवादी संगठनों द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीकों का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया जाए।
बैठक में शामिल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का समर्थन किया।
भारत ने 2026 में अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास' (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम तय की है। इस थीम का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना, नवाचार को बढ़ावा देना और टिकाऊ विकास के लिए साझा प्रयासों को मजबूत करना है।
Published on:
23 Jun 2026 08:51 pm
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