पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 6 सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम थम गया। प्रचार के आखिरी दिन राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को अपनी-अपनी सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। राज्य में छह विधानसभा सीटों सीताई, मदारीहाट, नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर और तालडांगरा के लिए बुधवार को उपचुनाव होगा। चुनाव आयोग ने इन निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 6 सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार सोमवार शाम थम गया। प्रचार के आखिरी दिन राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को अपनी-अपनी सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। राज्य में छह विधानसभा सीटों सीताई, मदारीहाट, नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर और तालडांगरा के लिए बुधवार को उपचुनाव होगा। चुनाव आयोग ने इन निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पर्याप्त संख्या में राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों की कुल 108 कंपनियां तैनात की जाएंगी। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल की भी तैनाती होगी। मतदान प्रक्रिया में 15 लाख से अधिक मतदाताओं के भाग लेने की संभावना है। पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मतदान अवधि के दौरान सभी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की जाएगी।
तृणमूल ने कूचबिहार जिले के सीताई से संगीता रॉय, अलीपुरद्वार के मदारीहाट से जय प्रकाश टोप्पो, नैहाटी से सनत डे, उत्तर 24 परगना के हरोआ से एसके रबीउल इस्लाम, बांकुरा के तालडांगरा से फाल्गुनी सिंघाबाबू और पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर विधानसभा क्षेत्र से सुजय हाजरा को चुनावी मैदान में उतारा है।
वर्ष 2021 में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल ने 6 में से पांच सीट पर जीत हासिल की थी। हालांकि मदारीहाट सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। यह उपचुनाव मौजूदा विधायकों के इस वर्ष लोकसभा चुनावों में निर्वाचित होने के बाद सीट खाली होने की वजह से जरूरी हुआ है। राजनीतिक दलों ने आखिरी दिन मतदाताओं से समर्थन जुटाने की पूरी कोशिश की। तालडांगरा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अनन्या रॉय चक्रवर्ती के समर्थन में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, पार्टी नेता लॉकेट चटर्जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुभाष सरकार, विधायक नीलाद्रीशेखर दाना और अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार में भाग लिया।
उपचुनाव में खड़े 41 उम्मीदवारों में से सात के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं जबकि अन्य सात करोड़पति हैं। उनके हलफनामों के विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है। पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) ने 42 में से 41 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। मदारीहाट (आरक्षित) से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार पंकज लोहरा के हलफनामे का विश्लेषण नहीं किया जा सका, क्योंकि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उनके पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। भाजपा के चार उम्मीदवारों, तृणमूल कांग्रेस के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर आपराधिक मामलों में वे अपराध शामिल हैं जिनके लिए अधिकतम सजा पांच वर्ष या उससे अधिक है। इनमें गैर-जमानती अपराध, चुनावी अपराध और राजकोष को वित्तीय नुकसान से संबंधित अपराध शामिल हैं।