
कोलकाता/नई दिल्ली। भाजपा ने मंगलवार देर रात पश्चिम बंगाल के नेता अनुपम हाजरा को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के पद से मुक्त कर दिया। आपको बता दें कि मंगलवार को ही गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लेने के लिए कोलकाता आए हुए थे और राज्य बीजेपी के नेताओं एवं संगठन के पदाधिकारियों से मीटिंग के बाद वे वापस दिल्ली लौट गए। दोनों वरिष्ठ नेताओं के लौटने के तुरंत बाद पार्टी द्वारा इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
हाजरा को पदमुक्त करने के पीछे उनके द्वारा पिछले कुछ समय से राज्य में पार्टी की कार्यप्रणाली की आलोचना करने को माना जा रहा हैं। राजनीतिक विश्लेषज्ञों के अनुसार पार्टी ने हाजरा को पद से हटाकर पार्टी के भीतर असंतुष्टों को अनुशासन का पालन करने का संदेश दिया है।
वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी की ब्लैकलिस्ट में आए
दरअसल सितंबर में हाजरा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह कह रहे थे कि टीएमसी के वे नेता जिन्हें ईडी या सीबीआई की कार्रवाई का डर हैं, अगर आपको भाजपा में शामिल होना है और आपको बात करने में शर्म आ रही है तो आप मेरे फेसबुक पेज पर आकर मुझसे संपर्क कर सकते हैं। आप मुझे अपनी इच्छा बता सकते हैं। मैं देखूंगा फिर कि आपकी उपलब्धियों का हम कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, भाजपा ने इन बयानों से खुद को दूर कर लिया था। इस वीडियो को लेकर टीएमसी ने भी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था।
गौरतलब है कि अनुपम हाजरा 2014 में बोलपुर से टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। हालांकि, बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। हाजरा राज्य में भाजपा के अनुसूचित जाति का चेहरा था। उन्हें 2020 में वरिष्ठ पद दिया गया था, साथ ही उन्हें बिहार में भाजपा का सह प्रभारी भी नियुक्त किया गया था।