कोलकाता

West Bengal Politics: अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन, भाजपा बोली- कागज हैं तो दिखाइए

Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को तोड़े जाने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई बताया है।
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Jul 18, 2026
Abhishek Banerjee
कार्रवाई करती टीम। फोटो- एएनआई

कोलकाता। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को तोड़े जाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए कार्यालय को अवैध बताया है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि अभिषेक बनर्जी का कार्यालय अवैध था, इसलिए उसे हटाया गया। उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय कानूनी रूप से बना है तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।

अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी चुनौतियों पर अब कोई भरोसा नहीं करता। उन्होंने 2019 के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि तब अभिषेक बनजी ने कहा था कि अगर अर्जुन सिंह चुनाव जीत गए तो वह अपना हाथ काट देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर ही मतभेद बढ़ रहे हैं।

लॉकेट चटर्जी ने भी कार्रवाई का समर्थन किया

वहीं, भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने भी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एक सांसद अवैध जगह पर पार्टी कार्यालय नहीं बना सकता। उनके मुताबिक, पहले राज्य में भ्रष्टाचार के कारण ऐसी चीजें होती रहीं, लेकिन अब सरकार अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन होगा, वहां कार्रवाई होगी और जनता भी इस प्रक्रिया को देख रही है।

शनिवार को हुई कार्रवाई

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के प्रशासन ने शनिवार को डायमंड हार्बर से सांसद और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के आमतला कार्यालय को ढहा दिया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे कथित अवैध निर्माण और बार-बार भेजे गए नोटिसों का कोई जवाब न देने का हवाला दिया है। अधिकारियों ने कार्यालय के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया था। परिसर के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए थे। पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी खुद इस पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे।

नोटिस जारी किया था

कड़ी सुरक्षा के बीच बुलडोजर से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान एहतियात के तौर पर दमकल कर्मियों को भी तैयार रखा गया था। जिला प्रशासन ने सबसे पहले गत 30 जून को इस कार्यालय को नोटिस जारी किया था। इसमें इमारत के निर्माण और उसके लिए ली गई मंजूरियों से जुड़े दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगे गए थे। इसके बाद सात जुलाई को दूसरा नोटिस भेजा गया, जिसमें बनर्जी को 15 जुलाई को जिला प्रशासन के सामने पेश होकर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। दोनों में से किसी भी नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला और बनर्जी जिला अधिकारियों के सामने पेश भी नहीं हुए।

इसके बाद प्रशासन ने कार्यालय को ढहाने की कार्रवाई आगे बढ़ाने का फैसला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, इन नोटिसों में यह उल्लेख था कि जिस जमीन पर यह कार्यालय बना था, उसे 'लीप्स एंड बाउंड्स' के नाम पर खरीदा गया था। प्रशासन का दावा है कि जमीन के रिकॉर्ड में बनर्जी के पिता अमित बनर्जी का नाम भी शामिल है, जिसके चलते अधिकारियों ने संपत्ति के मालिकाना हक और निर्माण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। अधिकारियों ने बताया कि नोटिसों का कोई जवाब न मिलने पर प्रशासन इस नतीजे पर पहुंचा कि यह ढांचा अवैध निर्माण है।

Updated on:
18 Jul 2026 08:14 pm
Published on:
18 Jul 2026 08:09 pm