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सोनम वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई पर ममता बनर्जी ने केंद्र पर साधा निशाना,कहा-युवाओं की आवाज को नजरअंदाज कर रही सरकार

Sonam Wangchuk Hunger Strike: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
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Jantar Mantar Protest

टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने सरकार पर साधा निशाना,photo- ANI

Sonam Wangchuk Hunger Strike: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत करने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबा रही है। ममता बनर्जी ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई और कहा, सोनम वांगचुक की सेहत और भलाई को लेकर बहुत चिंतित हूं।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत करने के बजाय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबा रही है। ममता बनर्जी ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई और कहा, सोनम वांगचुक की सेहत और भलाई को लेकर बहुत चिंतित हूं।

देश के युवाओं की आवाज को किया नजरअंदाज

ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक आवाज को ठीक वैसे ही नजरअंदाज किया गया है, जैसे अनगिनत युवा भारतीयों की आवाजों को अब तक लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत दी जाए।

निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मिली मंजूरी

ममता बनर्जी ने कहा, कि गंभीर हालत को देखते हुए वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत मिलनी चाहिए और अगर जरूरत हो तो नागरिक इसका खर्च उठाने के लिए स्वतंत्र होने चाहिए। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि जनता का भरोसा पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से बनता है, न कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाने या बातचीत से इनकार करने से।

उन्होंने कहा, जनता का भरोसा पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से बनता है, न कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाने या बातचीत से इनकार करने से। बनर्जी ने आगे कहा, जो सरकार असहमति को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के बजाय खतरा मानती है, वह जवाबदेही से बचते हुए भरोसे की उम्मीद नहीं कर सकती।

डॉक्टर बोले- वांगचुक की हालत स्थिर

लंबे समय तक भूख हड़ताल के बाद स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते, शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर विरोध स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बम्ब ने बताया कि वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक उपवास के कारण उन्हें हल्की डिहाइड्रेशन और कमजोरी है।

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