- रस्सी से बंधे थे हाथ-पांव- हत्या का संदेह, आरोप तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर - तृणमूल कांग्रेस ने आरोप को झूठा बताया
कोलकाता
मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर के शक्तिपुर इलाके में सोमवार सुबह हाथ-पैर रस्सी से बंधे हालत में भाजपा के एक समर्थक का शव तालाब से मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक का नाम धर्मराज हाजरा (54) है। वह शक्तिपुर मंडल कमेटी का सदस्य था। जिला भाजपा इकाई का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने धर्मराज की हत्या की है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए ट्वीट किया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में आमनवीयता की एक और घटना सामने आई है। भाजपा के एक और समर्थक की हत्या कर दी गई। स्थानीय भाजपा नेताओं का आरोप है कि पंचायत चुनाव के समय से ही तृणमूल के समर्थक धर्मराज को धमकी दे रहे थे। उसे तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के लिए दबाव बना रहे थे। अंतत: रविवार रात को धर्मराज की हत्या कर दी गई। तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोप को झूठा बताया है। शक्तिपुर के तृणमूल विधायक रविउल आलम चौधरी ने कहा कि इस वारदात से उनकी पार्टी के किसी समर्थक का कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जिला पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई महीने के अंत में पुरुलिया जिले के त्रिलोचन महतो एवं जून महीने की शुरूआत में दुलाल कुमार नामक भाजपा के समर्थक की नृशंस ढंग से हत्या कर दी गई थी। त्रिलोचन का शव पेड़ से एवं दुलाल का शव बिजली के हाईटेन्शन तार के खम्बे से फंदे के सहारे लटके हालत में मिला था। इन घटनाओं को लेकर जोरदार बवाल हुआ था। पिछले सप्ताह कोलकाता के दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पुरुलिया जिले में एक सभा की थी और त्रिलोचन और दुलाल के परिजनों से मुलाकात भी की थी।
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पुरुलिया में भाजपा समर्थक लापता
- हत्या का अंदेशा, शक तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर
इधर पुरुलिया जिले के पारा इलाके से परिमल महतो नामक एक भाजपा समर्थक रविवार से लापता है। रविवार शाम को परिमल घर से निकला था, उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है। पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। परिमल के परिजनों एवं स्थानीय भाजपा नेताओं ने परिमल की हत्या का अंदेशा जताते हुए पुलिस से सक्रियता से जांच शुरू करने की मांग की है। स्थानीय भाजपा नेताओं ने परिमल के लापता होने के पीछे तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का हाथ होने का संदेह जताया है। हालांकि स्थानीय तृणमूल इकाई ने आरोप को झूठा बताया है।