भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने के लिए रथयात्रा निकालने वाले हैं तो दूसरी तरफ इससे मुकाबले के लिए प्रमुख विपक्ष कांग्रेस और माकपा ने जनसम्पर्क कार्यक्रम और पदयात्राएं निकालने का निर्णय लिया है।
- माकपा-कांग्रेस जिलों में करेगी पदयात्रा
कोलकाता.
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के म²ेनजर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे धीरे तेज होती जा रही हैं। एक तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने के लिए रथयात्रा निकालने वाले हैं तो दूसरी तरफ इससे मुकाबले के लिए प्रमुख विपक्ष कांग्रेस और माकपा ने जनसम्पर्क कार्यक्रम और पदयात्राएं निकालने का निर्णय लिया है। हालांकि राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भाजपा की रथयात्रा और कांग्रेस-माकपा की पदयात्रा को तवज्जो नहीं दे रही है। तृणमूल नेतृत्व का कहना है कि प्रदेश की जनता का समर्थन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ है। पश्चिम बंगाल में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में लगी भाजपा हाल ही में सम्पन्न हुए पंचायत व निकाय चुनावों में दूसरे स्थान पर रही। राज्य में भाजपा तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है। इधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश में पार्टी को मजबूत बनाने की सख्त हिदायत दी है। इस रणनीति के तहत प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में जनसम्पर्क अभियान चलाने का निर्णय किया है। यह कार्यक्रम नवम्बर के अंत में होने की संभावना है। दूसरी ओर, माकपा राज्य नेतृत्व ने अपने किसान प्रकोष्ठ के बैनर तले हुगली जिले के सिंगुर में, मुर्शिदाबाद के फरक्का में और कूचबिहार जिले में तीन अलग-अलग पदयात्रा करने की घोषणा की है। सूत्रों ने बताया कि इन कार्यक्रमों का समय 5 से 9 दिसम्बर के बीच शाह की तीन रथ यात्राओं के वक्त से टकराएगा।
केंद्र के खिलाफ आगे आने का करेंगे आह्वान
इस संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि जनसम्पर्क यात्रा का मकसद लोगों को पार्टी के कामों से अवगत कराना और नरेंद्र मोदी सरकार के भ्रष्टाचार, साम्प्र्रदायिकता की राजनीति व कुशासन के बारे में बताएंगे। यही नहीं केंद्र विरोधी आंदोलन में लोगों को आगे आने का आग्रह भी किया जाएगा। मित्रा ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले, ब्लॉक और बूथ स्तर तक हमारे पार्टी कार्यकर्ता लोगों के बीच जाएंगे तथा कांग्रेस संदेश से लोगों को अवगत कराएंगे। जनसम्पर्क के दौरान पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक घर से दो रुपए से पांच रूपए तक बतौर चंदा इक_ा करेंगे। मित्रा ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से हम पार्टी को फिर से मजबूत करेंगे।
मुंहतोड़ जवाब देंगे-
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य तथा पूर्व सांसद हन्नान मोल्ला ने बताया कि उनकी पार्टी किसानों से जुड़े मुद्दों के अलावा भाजपा की विभाजनकारी नीतियों के बारे में लोगों को सतर्क करेगी। वामपंथी किसान संगठन के महासचिव मोल्ला ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों और मजदूरों के विरोधी है। मोदी के कार्यकाल में किसान तबाही के दौर से गुजर रहे हैं।