- दिल्ली निर्भया कांड के आरोपियों को फांसी मिलने से पूर्व पश्चिम बंगाल के दो-दो अदालतों में बंगाल की निर्भया के आरोपियों के लिए सजा की घोषणा की गई है। चुचुंड़ा के बाद अब बारूईपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 13 साल पहले की गई दरिंदगी के आरोप में दो बलात्कारियों को फांसी की सजा सुनाई है।
कोलकाता. हुगली जिले के बालागढ़ गैंगरेप एंड मर्डर मामले में चुंचुड़ा जिला अदालत की ओर से दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के 24 घंटे के अंदर बारुईपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इसी तरह के मामले में मंगलवार को 2 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। 13 साल पहले घटी इस जघन्य घटना के दोषी शब्बीर अली लस्कर और पैलान मोल्ला हैं।
पीडि़ता के चचेरे भाई शब्बीर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक बलात्कार किया, फिर निर्ममता से उसकी हत्या कर दी थी। मंगलवार को न्यायाधीश रमेंद्रनाथ माखाल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए घटना को जघन्य अपराध बताया और दोनों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। हालांकि इस मामले में जुबेनाइल अदालत से एक नाबालिग को पहले ही रिहाई मिल चुकी है।
- 13 साल पहले जिसे बचानी थी इज्जत, वही भाई बना हैवान :
घटना 13 साल पहले दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर थाना क्षेत्र की बनहुगली दो नंबर ग्रामपंचायत अंतर्गत चियाली मालपाड़ा की है। 22 सितंबर 2007 को 12 वर्षीय किशोरी अपने चचेरे भाई शब्बीर अली के साथ घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। दो दिनों बाद 24 सितंबर को उसका शव अमरूद के बगीचे के पास खाली तालाब से बरामद किया गया।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संदेह के आधार पर शब्बीर और उसके दोस्त पैलान मोल्ला समेत तीन को गिरफ्तार किया। शब्बीर और पैलान ने सामूहिक बलात्कार और हत्या का गुनाह पुलिस के समक्ष कबूल कर लिया। पुलिस ने भारतीय दंड विधि की धारा 302, 379, 363, 201 और 400 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।