पश्चिम बंगाल के सुन्दरवन इलाके की एक पंचायत को देश का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है।
- केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने दी इनाम की राशि
कोलकाता.
देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों की प्रतिस्पद्र्धा में पश्चिम बंगाल के सुन्दरवन इलाके की एक पंचायत को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है। दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा प्रखण्ड की दिगम्बरपुर ग्राम पंचायत ने देश के अन्य पंचायतों को पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा राज्य के बर्दवान, बीरभूम और पुरुलिया की कई ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को इसकी घोषणा की है। राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति लेकर पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने केंद्र सरकार से मिले पुरस्कारों की घोषणा की। मुखर्जी ने कहा कि केंद्रीय सरकार की नजर में बंगाल सरकार अप्रिय है। ग्रामीण विकास के मद में आवंटित राशि रोक कर रखी गई है। अधिकांश मामलों में बंगाल की उपेक्षा की जाती है। बावजूद इसके ग्रामीण विकास में ममता बनर्जी की सरकार अप्रत्याशित रूप से प्रशंसनीय काम कर रही है, केंद्र सरकार का पुरस्कार इस बात की पुष्टि करता है। सुब्रत ने कहा कि इससे पहले सौ दिन रोजगार योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना समेत पांच अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण से पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार का पुरस्कार पाने में सफलता हासिल की है। राज्य में विरोधी भाजपा का नाम लिए बगैर पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री मुखर्जी ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर यहां कार्यकर्ता और नेता तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ चाहे जितना गलत आरोप लगाएं, पर विकास कार्य को लेकर केंद्र तृणमूल कांग्रेस सरकार को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार देने को विवश हुआ है।
ये थे पुरस्कार के मापदण्ड-
-गांवों में पक्की सडक़ें
-निकासी व्यवस्था
-विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ
-ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र
- ग्रामीण बिजलीकरण
-ग्रामीण रोजगार
राज्य की इन पंचायतों को मिले पुरस्कार-
- हावड़ा के बाली-जगाछा प्रखण्ड की चेंगाईल ग्राम पंचायत
-पश्चिम मिदनापुर के दांतन प्रखण्ड की तरुरई ग्राम पंचायत