
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर में माफिया, अपराधियों और नशेड़ियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए बारुईपुर में हुई हालिया कार्रवाई की तर्ज पर 'एनकाउंटर' जैसी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। रविवार को खड़गपुर में भाजपा के एक नए कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर घोष ने कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पूरी छूट दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। जबरन वसूली, नशीले पदार्थों के कारोबार और अन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए घोष ने कहा कि पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर ट्रिगर भी दबाएगी। अगर अपराधी खड़गपुर में कदम रखते हैं, तो खाना खाने से पहले ही उन्हें गोलियों का सामना करना पड़ सकता है। घोष ने आरोप लगाया कि खड़गपुर पारंपरिक रूप से भाजपा समर्थक क्षेत्र रहा है, लेकिन पिछली सत्ता के संरक्षण में यहां "गुंडा राज" का दौर देखा गया।
दिलीप घोष ने कहा कि सरकार शांति बहाल करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नागरिक और व्यापारी बिना किसी डर के रह सकें और अपना कारोबार चला सकें। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले ही लगभग 200 नशेड़ियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर अपनी लत को पूरा करने के लिए चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। अपराधियों को पकड़ने के लिए विभिन्न इलाकों में पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी की जा रही है। घोष ने आगाह किया कि जो लोग जमानत पर बाहर आने के बाद भी अपनी आपराधिक गतिविधियों को जारी रखेंगे, उन्हें वापस जेल भेजा जाएगा।
उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि आपराधिक तत्वों को खत्म करने के लिए आवश्यक हुआ, तो प्रशासन एनकाउंटर करने से भी पीछे नहीं हटेगा। पिछली सरकार के दौरान पुलिस की भूमिका पर तंज कसते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां आपराधिक गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद मौन बनी हुई थीं। घोष ने कहा कि पुलिस को अब अपना कर्तव्य निभाना होगा। गुंडों और माफियाओं की अनियंत्रित गतिविधियों की तुलना में पुलिस की सख्ती ज्यादा बेहतर है।