कोलकाता

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ की हालत अत्यंत गंभीर

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में पिछले तीन दिनों से इलाजरत पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
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Updated: 12 Aug 2018, 6:01 PM IST
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पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ की हालत अत्यंत गंभीर

- 10 बार के सांसद को चिकित्सकों ने रखा वेंटिलेटर पर
कोलकाता.

कोलकाता के एक निजी अस्पताल में पिछले तीन दिनों से इलाजरत पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। माकपा के दिग्गज नेताओं में शुमार सोमनाथ को रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ा। चिकित्सकों के अथक प्रयास से उनके स्वास्थ्य पर नियंत्रण पाया गया। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रतीम सेनगुप्ता की निगरानी में 89 वर्षीय सोमनाथ को वेंटिलेटर पर रखा गया है। 10 बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए सोमनाथ की डायलिसिस की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार लम्बे समय से सोमनाथ चटर्जी किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। 1968 में माकपा से जुडऩे के बाद वे 1971 में पहली बार माकपा के समर्थन से वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सांसद चुने गए थे। 1984 में ममता बनर्जी से शिकस्त खाने के बाद उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा। वे 2009 तक लोकसभा के सदस्य रहे।
रक्त में ऑक्सीजन की कमी-

1996 में उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार से नवाजे गए चटर्जी की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उनके शरीर के कई अंग काम नहीं कर रहे हैं। उनके रक्त में ऑक्सीजन की कम होती जा रही है। अधिकांश समय तक वे बेहोशी की हालत में रह रहे हैं। अस्पताल के सीईओ प्रदीप टंडन ने बताया कि सोमनाथ की हालत फिलहाल स्थिर है।
इससे पहले गत 28 जून को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद सोमनाथ को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें गत 01 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। उनकी तबीयत में सुधार नहीं होने पर उन्हें 10 अगस्त को दोबारा वेल व्यू अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां फिलहाल उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम बराबर उन पर नजर रख रही है। सोमनाथ मशहूर वकील निर्मल चंद्र के बेटे हैं। जो की अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापक भी रहें चुकें थे। वहीं, सोमनाथ चटर्जी ने अपने करियर की नींव सीपीएम के साथ 1968 में रखी थी और वह 2008 तक इससे जुड़े रहे। 1971 में पहली बार सांसद के तौर पर वह चुने गए। बाद में वह करीब 10 बार लोकसभा सदस्य के तौर पर बने रहें।

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